
प्रतिनिधि, नोवामुंडी। माँ मनसा मंदिर में सोमवार को वार्षिक पूजा का शुभारंभ श्रद्धा, आस्था और उत्साह के बीच भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। 300 से अधिक महिलाओं ने पीले और भगवा परिधानों में शामिल होकर पूरे नोवामुंडी को भक्तिमय कर दिया। मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह आकर्षक ढंग से सजाया गया था और सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।कलश यात्रा का शुभारंभ मनसा मंदिर परिसर में दीप प्रज्वलित कर टाटा स्टील से आए मुख्य अतिथि ने किया। इसके बाद महिलाओं की भव्य कलश यात्रा मंदिर परिसर से निकली, जो मुख्य मार्ग, ओवरब्रिज होते हुए थाना के निकट से कुमार टोली के रास्ते ऐतिहासिक उड़िया छठ तालाब पहुंची। यहां पंडित नीलेश ठक्कर जी ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कराई। पूजा के बाद वाद्य यंत्रों और जयकारों के बीच महिलाओं ने तालाब से कलश में पवित्र जल भरा।इसके बाद महिलाएं अपने माथे पर कलश रखकर नंगे पांव वापस मनसा मंदिर के लिए रवाना हुईं।


यात्रा में शामिल महिलाएं पीले और भगवा रंग के परिधानों में बेहद आकर्षक नजर आ रही थीं। कई महिलाएं भक्ति में झूमते हुए आगे बढ़ रही थीं। इस दौरान ‘मां मनसा की जय’ के जयकारों से पूरा नोवामुंडी गूंज उठा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा का स्वागत किया।कलश यात्रा को लेकर नोवामुंडी पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के दौरान मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों का परिचालन रोक दिया गया, जिससे यात्रा सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सकी। पुलिस बल ने पूरे मार्ग पर मोर्चा संभाले रखा।मनसा मंदिर पहुंचने के बाद कलशों को विधिवत स्थापित किया गया। इसके बाद मां अन्नपूर्णा की पूजा-अर्चना की गई। वहीं, देर रात विधि-विधान के साथ मां मनसा की वार्षिक पूजा संपन्न कराई जाएगी।छत्तीसगढ़ से आई झांकी टीम ने मोहा मनवार्षिक पूजा के दौरान छत्तीसगढ़ से आई झांकी की टीम ने मां मनसा की सुंदर और मनमोहक प्रस्तुति पेश की। कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुति देखने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। झांकी और धार्मिक प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया और श्रद्धालुओं ने तालियों व जयकारों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।मध्य प्रदेश से भी पहुंचे श्रद्धालुमां मनसा की पूजा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मध्य प्रदेश से भी श्रद्धालु विशेष रूप से मां मनसा की पूजा-अर्चना करने नोवामुंडी पहुंचे हैं। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा कर मां से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।हावड़ा, बंगाल से आई ढोल-बाजा टीमपूजा समारोह को और भव्य बनाने के लिए बंगाल के हावड़ा से ढोल-बाजा की विशेष टीम भी पहुंची है। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय बना हुआ है। ढोल-बाजा की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। महिलाओं की भारी भागीदारी, बाहर से पहुंचे श्रद्धालुओं, कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति और हावड़ा से आई ढोल-बाजा टीम ने वार्षिक पूजा को विशेष बना दिया। देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ और मां मनसा के जयकारे गूंजते रहे।
