
काण्ड्रा मोड़ स्थित बालीडीह (पदमपुर) फुटबॉल मैदान में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय भव्य फुटबॉल टूर्नामेंट का शानदार समापन हुआ। ‘डिबा-किशुन मेमोरियल क्लब’ के तत्वावधान में आयोजित इस खेल महाकुंभ में कुल 48 टीमों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। फाइनल मुकाबले में एकेएसएसएएम (AKSSAM) राहरगोड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि शिवांश स्पोर्टिंग को उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा। प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ क्लब के अध्यक्ष सह झामुमो (JMM) के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के, पूर्व प्रमुख राम दास टुडू, राम हांसदा और रपचा पंचायत की मुखिया सुकमति मार्डी ने संयुक्त रूप से किया था।
विजेताओं पर हुई धनवर्षा: 8वें स्थान तक की टीमों को मिला नकद इनाम
प्रतियोगिता के अंतिम दिन उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस टूर्नामेंट की खासियत यह रही कि पहले तीन विजेताओं के अलावा आठवें स्थान तक की टीमों का भी हौसला बढ़ाया गया। पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार रहा:
प्रथम पुरस्कार: एकेएसएसएएम (AKSSAM) राहरगोड़ा को ₹1,20,000 की नकद राशि।
द्वितीय पुरस्कार: शिवांश स्पोर्टिंग (उपविजेता) को ₹80,000 की नकद राशि।
तृतीय पुरस्कार: रघुनाथ एफसी को ₹40,000 की नकद राशि।
चतुर्थ पुरस्कार: चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को ₹40,000 की नकद राशि।
अन्य पुरस्कार: पांचवें से लेकर आठवें स्थान तक रही प्रत्येक टीम को ₹20,000-₹20,000 का सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
टीमों के अतिरिक्त व्यक्तिगत प्रतिभाओं को भी सराहा गया। ‘बेस्ट प्लेयर’, ‘बेस्ट गोलकीपर’, ‘बेस्ट रेफरी’, ‘मैन ऑफ द सीरीज’ और हर मैच के ‘मैन ऑफ द मैच’ को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
खेल युवाओं को भटकाव से बचाता है: कांड्रा थाना प्रभारी बिनोद कुमार मुर्मू
समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि काण्ड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू ने शिरकत की। खिलाड़ियों और दर्शकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “खेल हमारे शरीर को न केवल स्वस्थ रखता है, बल्कि यह युवाओं को जीवन की सही दिशा भी दिखाता है। ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और खेल भावना मजबूत होती है। खेल के मैदान से जुड़ने वाले युवा नशा और अपराध जैसी बुराइयों से दूर रहकर एक सशक्त समाज के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।”
अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की जननी है खेल: कृष्णा बास्के
क्लब के अध्यक्ष कृष्णा बास्के ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए खेलों से निरंतर जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “जो युवा खेल से जुड़ते हैं, वे बुरी संगति से हमेशा दूर रहते हैं। खेल के मैदान में ही खिलाड़ियों के भीतर अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता (लीडरशिप) जैसे गुणों का विकास होता है।” उन्होंने शारीरिक व्यायाम और मानसिक मजबूती के लिए खेल को जीवन का अभिन्न अंग बताया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस दो दिवसीय खेल महोत्सव को सफल बनाने में डिबा-किशुन मेमोरियल क्लब, पदमपुर की पूरी कमिटी ने दिन-रात मेहनत की।
इस अवसर पर मुख्य रूप से क्लब के अध्यक्ष कृष्णा बास्के, सचिव दिकू किस्कू, सह-सचिव इन्द्रो मुर्मू, कोषाध्यक्ष बीरधान बास्के और खेलाराम हेंब्रम मौजूद थे। वहीं अतिथियों के रूप में पूर्व प्रमुख रामदास टुडू, काण्ड्रा पंचायत के पूर्व मुखिया होनी सिंह मुंडा, समाजसेवी लालबाबू महतो, गोरखा हांसदा, सोनाराम मार्डी, सोनाराम मुर्मू, बहादुर टुडू, गौतम महतो, संतोष टुडू, राजेश भगत, सुजेन्न हांसदा और इन्द्रो मुर्मू समेत भारी संख्या में ग्रामीण व खेल प्रेमी उपस्थित रहकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते रहे।
