
सौरभ विष्णु, अध्यक्ष जन विकास मंच एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी, ने बताया है कि एमजीएम अस्पताल छत हादसे के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के निर्देश के ढाई महीने बाद भी जिला प्रशासन ने आयोग को अपनी रिपोर्ट नहीं भेजी है। यह जानकारी स्वयं आयोग ने सौरभ विष्णु के सूचना के अधिकार आवेदन के उत्तर में दी है।03 मई 2025 को एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में छत गिरने से डेविड जॉनसन, लुकास साइमन तिर्की, श्रीचंद तांती एवं रेणुका देवी की मृत्यु हुई थी। सौरभ विष्णु की शिकायत पर आयोग ने 10 जुलाई 2026 को जिला दंडाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम को निर्देश दिया था कि शिकायतकर्ता को साथ लेकर जांच करें, की गई कार्रवाई से अवगत कराएं और चार सप्ताह के भीतर आयोग को रिपोर्ट सौंपें। आयोग ने 23 सितंबर 2026 के अपने उत्तर में लिखा है कि उसके अभिलेख के अनुसार संबंधित प्राधिकारी से कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।सौरभ विष्णु ने बताया कि उन्होंने इस विषय में 24 अगस्त और 2 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय को दो पत्र दिए थे, जो कार्यालय में प्राप्त भी हुए, पर आज तक कोई उत्तर नहीं मिला और न ही उन्हें किसी जांच में शामिल किया गया। एमजीएम अस्पताल ने 31 अगस्त को सूचना के अधिकार के तहत दिए जवाब में स्वयं माना है कि मुआवजा राशि का भुगतान अभी प्रक्रिया में है — अर्थात घटना के लगभग 17 महीने बाद भी पीड़ित परिवार मुआवजे की प्रतीक्षा में हैं।सौरभ विष्णु ने कहा: “चार परिवारों ने अपने प्रियजन एक सरकारी अस्पताल में खोए। देश की सर्वोच्च मानवाधिकार संस्था ने जांच और रिपोर्ट का स्पष्ट निर्देश दिया, पर ढाई महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं गई। यह सवाल किसी व्यक्ति या दल के विरुद्ध नहीं है — यह इस बात का सवाल है कि जब आयोग का आदेश भी अनसुना रह जाए, तो पीड़ित परिवार न्याय के लिए कहां जाएं।”आगे की कार्रवाई: सौरभ विष्णु ने आज उपायुक्त कार्यालय में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर जांच, आयोग को रिपोर्ट, मुआवजा राशि की प्राप्ति तथा चारों परिवारों को भुगतान की अलग-अलग स्थिति की जानकारी मांगी है। साथ ही उन्होंने आयोग को सभी दस्तावेजों के साथ पत्र भेजकर अनुपालन न होने पर संज्ञान लेने तथा केस को पुनः खोलने का अनुरोध किया है।
