
कांड्रा:
कांड्रा पंचायत अंतर्गत आने वाले लाहकोठी क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी और खौफ का माहौल कायम हो गया, जब इलाके में अचानक एक बेहद जहरीला कोबरा सांप निकल आया। ग्रामीणों के होश तो तब फाख्ता हो गए, जब उन्होंने इस खौफनाक और जानलेवा सांप को एक पर्स के ऊपर फन फैलाकर रेंगते हुए देखा। इस घटना के बाद से आस-पास मौजूद लोग खौफजदा हैं और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश और उसके बाद पनप रही भीषण उमस ने वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को बुरी तरह प्रभावित किया है। बारिश का पानी सांपों के बिलों में भर जाने और गर्मी बढ़ने के कारण कोबरा और करैत जैसे अत्यंत जहरीले सांप अब सुरक्षित और सूखे ठिकानों की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं। कई बार ये घरों के अंदर भी घुस जाते हैं, जिसे काफी खतरनाक माना जा रहा है।
कोबरा (नाग) को सबसे खतरनाक और जहरीले सांपों की श्रेणी में रखा जाता है। इसके डसने से इंसान के तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) पर सीधा असर पड़ता है और समय पर इलाज (एंटी-वेनम) न मिलने पर पल भर में जान जा सकती है। लाहकोठी की इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बारिश के मौसम में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। गनीमत यह रही कि पर्स पर रेंगते हुए कोबरा पर समय रहते लोगों की नजर पड़ गई और दूरी बनाए रखी गई, जिससे एक बहुत बड़ा और जानलेवा हादसा होने से टल गया। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए आम लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि रात के समय अंधेरे में बाहर निकलने से बचें और हमेशा टॉर्च का इस्तेमाल करें। बारिश के इस मौसम में जमीन पर सोने से परहेज करें, घरों के आस-पास जलजमाव न होने दें और झाड़ियों की साफ-सफाई रखें। सबसे अहम बात यह है कि यदि आस-पास कहीं भी सांप दिखे, तो खुद उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या किसी विशेषज्ञ सर्प मित्र को इसकी सूचना दें।
