
संचार भारत न्यूज संवाददाता
, नोवामुंडी
गुरुवार को हुई भारी बारिश ने नोवामुंडी बाजार स्थित मध्य विद्यालय की बदहाल व्यवस्था की पोल खोल दी.भारी बारिश के बाद विद्यालय परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया। स्कूल के गेट से लेकर मैदान और कक्षाओं तक चारों ओर पानी ही पानी नजर आया.जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण शुक्रवार को बच्चों को अपनी कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करने के बजाय स्कूल के बरामदे में जमीन पर बैठने को मजबूर होना पड़ा.
स्थिति इतनी खराब थी कि कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को एक ही बरामदे में एक साथ बैठाकर पढ़ाई करानी पड़ी। बच्चों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि जब भी तेज बारिश होती है, उनके स्कूल में पानी भर जाता है.वे अपने क्लासरूम तक नहीं पहुंच पाते हैं.जूते-मोजे भीग जाते हैं और ठीक से पढ़ाई नहीं हो पाती.बच्चों का कहना था कि आज सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बरामदे में बैठना पड़ा, जिससे पढ़ाई का माहौल पूरी तरह प्रभावित रहा.

बारिश का पानी केवल कक्षाओं तक ही सीमित नहीं रहा.स्कूल के स्टाफ रूम, ऑफिस और कंप्यूटर रूम में भी पानी भर गया.पूरा मैदान पानी से भरा हुआ था और स्कूल के गेट तक जलजमाव की स्थिति बनी रही। इसके कारण विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति भी काफी कम रही.
विद्यालय में कुल 475 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण शुक्रवार को 50 प्रतिशत से भी अधिक बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके.जो बच्चे पहुंचे, उन्हें भी सामान्य परिस्थितियों में पढ़ाई करने का अवसर नहीं मिला.
मिड डे मील बनाने और बच्चों को खिलाने में भी परेशानी
जलजमाव के कारण मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) तैयार करने और सभी बच्चों को भोजन कराने में भी काफी परेशानी हुई.विद्यालय के चारों ओर पानी जमा होने और पूरा मैदान जलमग्न रहने के कारण रसोई व्यवस्था प्रभावित हुई.स्कूल कर्मियों को भोजन तैयार करने और बच्चों को सुरक्षित तरीके से भोजन कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
एक तरफ बच्चे अपनी कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उनके लिए भोजन तैयार करना और सभी बच्चों तक पहुंचाना भी चुनौती बना रहा.इससे साफ है कि जलजमाव की समस्या का असर केवल पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि विद्यालय की पूरी व्यवस्था पर पड़ रहा है.

हर तेज बारिश में सामने आती है समस्या
बच्चों के अनुसार विद्यालय में जलजमाव की समस्या कोई नई बात नहीं है.जब भी तेज बारिश होती है, स्कूल परिसर में पानी जमा हो जाता है.जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों और शिक्षकों को हर बार परेशानी झेलनी पड़ती है.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बच्चे स्कूल की कक्षा तक नहीं पहुंच पाएंगे और उन्हें बरामदे में जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ेगा, तो उनकी पढ़ाई कैसे सुचारू रूप से चल पाएगी? बारिश के दिनों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और मध्याह्न भोजन—तीनों प्रभावित हो रहे हैं.
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
नोवामुंडी बाजार मध्य विद्यालय की यह स्थिति सरकार और प्रशासन के लिए आंखें खोलने वाली तस्वीर है.बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण देना प्रशासन की जिम्मेदारी है.इसलिए विद्यालय परिसर से पानी की निकासी के लिए तत्काल प्रभाव से उचित और स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था किए जाने की जरूरत है.
प्रशासन को विद्यालय का स्थल निरीक्षण कर जलजमाव के कारणों की जांच करनी चाहिए तथा नाली निर्माण, पानी की निकासी और अन्य जरूरी कार्य कराकर समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए.
बच्चे देश का भविष्य हैं.उन्हें बारिश के पानी से जूझते हुए नहीं, बल्कि सुरक्षित कक्षा में बैठकर पढ़ने का अधिकार है.अब जरूरत है कि सरकार और प्रशासन इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेकर जल्द कार्रवाई करे, ताकि अगली बारिश में बच्चों को फिर से बरामदे में बैठकर पढ़ाई करने और स्कूल में जलजमाव के बीच भोजन करने की मजबूरी न हो।
