
प्रतिनिधि, नोवामुंडी
नोवामुंडी स्थित डीवीसी काली मंदिर में मंगलवार को मां विपत्तारिणी पूजा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और पूरे विधि-विधान के साथ धूमधाम से संपन्न हुई। सुबह से ही हाथों में पूजा की थाल लिए व्रतधारी महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिससे पूरा मंदिर परिसर माता के जयकारों और भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। पूजा का शुभारंभ सुबह 11 बजे हुआ, जहाँ पुजारी अवधेश मिश्रा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन, पूजन और महाआरती संपन्न कराई गई। दोपहर 2 बजे पूजा के विधिवत समापन के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।

इस अवसर पर 100 से अधिक महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर मां विपत्तारिणी की आराधना की। महिलाओं ने मां को 13 प्रकार के फल एवं विभिन्न व्यंजन अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की मंगलकामना तथा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। पूजा-अर्चना के बाद सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अमर सुहाग और खुशहाली की कामना की।

इस धार्मिक आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने में तिलक डे, चंदन डे, देबोब्रत डे, दीपू पान तथा दर्शन मवतवाल ने सराहनीय व सक्रिय भूमिका निभाई।

इसके अलावा, नोवामुंडी दुर्गा पूजा पंडाल परिसर स्थित मां दुर्गा मंदिर में भी इस वर्ष मंगलवार से पहली बार मां विपत्तारिणी पूजा का शुभारंभ किया गया। मंदिर समिति ने जानकारी दी कि अब हर वर्ष यहाँ नियमित रूप से इस पूजा का आयोजन किया जाएगा, ताकि स्थानीय श्रद्धालुओं को पास में ही पूजा-अर्चना का अवसर मिल सके। पूरे दिन क्षेत्र के मंदिर परिसर मां के जयकारों, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहे।
