बड़ी राहत: अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नहीं काटने पड़ेंगे शहर के चक्कर! नोवामुंडी शिविर में 60 ग्रामीणों को मौके पर ही मिला लर्निंग लाइसेंस

नोवामुंडी। परिवहन विभाग द्वारा नोवामुंडी बस्ती पंचायत भवन में आयोजित प्रखंड स्तरीय ड्राइविंग लाइसेंस शिविर ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ। पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को चाईबासा सहित जिला मुख्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। अब प्रखंड स्तर पर शिविर आयोजित होने से लोगों को घर के पास ही आवेदन करने और लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने की सुविधा मिली है।

शिविर में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सभी आवेदकों ने कतारबद्ध होकर अपने आवेदन जमा किए। आवेदन जमा करने से पहले प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से स्लॉट बुकिंग कराना अनिवार्य था। जिन आवेदकों ने स्लॉट बुक कराया था, उनके आवेदन सफलतापूर्वक स्वीकार किए गए।
शिविर में कुल 86 लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया। इनमें से 60 आवेदकों को मौके पर ही लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया गया, जबकि 20 आवेदनों की प्रक्रिया जारी है। वहीं एक आवेदन तकनीकी कारणों से निरस्त (रिजेक्ट) कर दिया गया। जिन आवेदकों का आवेदन प्रक्रिया में है, उन्हें अगले चरण के शिविर में लर्निंग लाइसेंस प्रदान किया जाएगा।
परिवहन विभाग के अनुसार, दूसरे चरण का ड्राइविंग लाइसेंस शिविर 7 सितंबर को नोवामुंडी प्रखंड कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। विभाग ने अपील की है कि जो लोग इस बार आवेदन नहीं कर सके, वे अगले शिविर में पहुंचकर इसका लाभ अवश्य उठाएं।

शिविर में जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) गौतम कुमार ने स्वयं 60 आवेदकों को लर्निंग लाइसेंस वितरित किया। इस अवसर पर मोटर वाहन निरीक्षक कृष्ण सोरेन, सेल्समैन तिर्की, कंप्यूटर ऑपरेटर सोमा तिग्गा, कुंदन कुमार, सनीचर सिंह तथा नोवामुंडी बस्ती पंचायत की मुखिया सुनीता सोरेन सुबह से ही मौजूद रहकर शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने परिवहन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए, ताकि लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

