
कांड्रा। वीर शहीद सिदो-कान्हू स्मारक समिति की ओर से कांड्रा मोड़ पर हूल दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान अमर शहीद सिदो-कान्हू की पारंपरिक रीति-रिवाज से श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चन की गई। इसके पश्चात झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय सदस्य सह समिति के अध्यक्ष कृष्णा बास्के के नेतृत्व में समाज के प्रबुद्ध लोगों और ग्रामीणों ने शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कृष्णा बास्के ने कहा कि सिदो और कान्हू ने देश की माटी की रक्षा के लिए पूंजीपतियों, महाजनों एवं अत्याचारी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ‘हुल’ (क्रांति) का बिगुल फूंका था। उन्होंने याद दिलाया कि हुल दिवस का मुख्य उद्देश्य अपनी जमीन और अधिकारों को पूंजीपतियों के चंगुल से मुक्त कराना था। बास्के ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ सिदो-कान्हू के संघर्षों और बलिदान की गाथा आज के युवाओं के लिए महान प्रेरणास्रोत है। हमें उनके आदर्शों को अक्षुण्ण रखना होगा और उनके पदचिह्नों पर चलना होगा।

इस गौरवमयी अवसर पर पारंपरिक पूजा-अर्चना पुजारी (नायके बाबा) सिंगराई मार्डी द्वारा संपन्न कराई गई। मौके पर मुख्य रूप से झामुमो के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के, नगर प्रखंड उपाध्यक्ष राम महतो,, राजेश भगत, बीरमल टुडू, गौतम महतो, इन्द्रो मुर्मू, समाज सेवी विनय कुमार महतो, देवीलाल बेसरा, सुरेन बास्के, दुगारू मुर्मू, बिरधान बास्के, मुकेश महतो, राजकिशोर महतो, उमेश टूडू, गोपाल हेम्ब्रम, राजेश महतो, किशुन बास्के, सोम टूडू, दुर्गा हेम्ब्रम, सुकु बास्के, विजय बास्के, हराधन मंडल, बिमल मंडल, बुद्धेश्वर बास्के, आकाश टूडू, धनीराम टूडू, बलिराम मुर्मू एवं उमेश बास्के सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और समाज के लोग उपस्थित थे।
