
प्रतिनिधि, नोवामुंडीनोवामुंडी स्थित डीवीसी जगन्नाथ मंदिर परिसर में ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी का पारंपरिक शाही स्नान विधिवत संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 108 कलशों से सुगंधित एवं औषधीय जल द्वारा महाप्रभु का महास्नान कराया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।पारंपरिक मान्यता के अनुसार शाही स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ को ज्वर आने की मान्यता है, जिसके चलते उन्हें 15 दिनों के लिए एकांतवास (अणसर) में रखा जाता है। इस दौरान मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद रहेंगे और पुजारी विशेष औषधीय विधियों से सेवा करेंगे।पुजारी जय राम मिश्रा ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को भगवान पुनः स्वस्थ होकर रथ पर सवार होंगे। इस दिन वे अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मौसी बाड़ी न्यू टाउनशिप जाएंगे। रथ यात्रा को लेकर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था और उत्साह का माहौल है। मौके पर मंदिर के सेक्रेटरी साधू सिंह भक्तों में प्रदीप वर्मा सोनी वर्मा रिंकू मिश्रा अर्चना मिश्रा दिनेश मिश्रा पूनम देवी धीरज शर्मा और काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे
