
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन, गम्हरिया द्वारा स्थानीय सामुदायिक भवन में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व टाटा स्टील के सक्रिय स्वयंसेवकों अजीत सिंह (पावर प्लांट), नीलकमल दास (सिविल विभाग) तथा हरेकृष्णा कौशल्या (पेलेट प्लांट) ने किया। इनके साथ जेडीसी सदस्य भारव प्रमाणिक एवं सुजेन नायक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उनके परिवार के सदस्यों ने भी सहभागिता निभाई और योग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग किया। योग सत्र के दौरान प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न आसनों, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित योग करने से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का भी विकास होता है। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नीलकमल दास ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य धरोहर है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग शारीरिक एवं मानसिक संतुलन बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। युवाओं को मोबाइल और तनावपूर्ण जीवनशैली से बाहर निकलकर नियमित योग को अपनाना चाहिए। स्वस्थ युवा ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला होते हैं।
इस सफल आयोजन में 10 समर्पित स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि लगभग 90 युवाओं ने इसमें भाग लिया। प्रतिभागियों ने आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए योग को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
