
टाटा डी.ए.वी.नोवामुंडी में आज पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया | विद्यालय की प्राचार्या श्री मति शशिकला के दिशा – निर्देशन में उक्त कार्यक्रम की रूप – रेखा तैयार की गयी |
विद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण अभिभावकगणों से बच्चों के साथ खाली प्लास्टिक की बोतल में धनिया, पुदीना या कोई भी बीज उगाने, 1 घंटा बिना बिजली के रहना, घर पर कचरा ऑडिट करना, कचरे से पक्षी दानादान, पर्यावरण प्रतिज्ञा ग्रहण आदि करने का आग्रह किया | इसे सफल बनाने में कक्षा – शिक्षकों का विशेष योगदान रहा | बच्चों ने अपने आवास से ही इस में सहभागिता की। टाटा स्टील के सिविल विभाग ने भी इस कार्यक्रम में सहयोग किया।

प्राचार्या ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति के महत्व के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। इस वर्ष इसे पर्यावरण को बचाने के संकल्प के साथ मनाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1972 में मानव पर्यावरण पर आयोजित स्टॉकहोम सम्मेलन के दौरान इसकी नींव रखी गई थी। बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई और प्लास्टिक कचरे के कारण हमारी पृथ्वी का संतुलन बिगड़ रहा है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हम प्रकृति का सम्मान करें| पेड़-पौधे, नदियां और शुद्ध हवा हमारे जीवन का आधार हैं। यदि आज हम संसाधनों का सही उपयोग नहीं करेंगे, तो भविष्य के लिए कुछ नहीं बचेगा।
शिक्ष्क संजय मिश्र ने विशेष सहयोग किया।
मौके पर विद्यालय के चतुर्थ वर्गीय
कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा |
