
पदमावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में शनिवार को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। विगत माह में हुए लोकतांत्रिक पद्धति से हुए चुनाव में चयनित प्रधानमंत्री उप प्रधानमंत्री सेनापति सह सेनापति को शपथ दिलाने का कार्यक्रम रखा गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बालीझोर पंचायत के माननीय मुखिया श्रीमान रवि सामड जी उपस्थित रहे साथ ही बालीझोर पंचायत के पूर्व सरपंच बोदरा जी, विश्व हिन्दू परिषद के संयोजक माननीय श्रीमान अनीश ठक्कर जी एवं श्रीमान संजीव बारजो जी, विद्यालय प्रबंधन समिति के माननीय सचिव श्रीमान चितरंजन बेहरा,

माननीय कोषाध्यक्ष श्रीमती मालती लागुरी एवं स्थानीय विद्यालय की प्रधानाचार्य सीमा पालित गुरु मां की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमान रवि सामड जी, श्रीमान अनीश ठक्कर जी, श्रीमान बोदरा जी, श्रीमान संजीव बारजो जी, श्रीमान चितरंजन बेहरा जी, श्रीमती मालती लागुरी जी एवं गुरु मां के करकमलों से दीप प्रज्वलित कर हुआ।कार्यक्रम में आगे गुरु मां द्वारा अतिथि परिचय एवं कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की गई। गुरु मां ने बताया कि लोकतंत्र की नींव विद्यालय से ही भैया बहनों में दी जाती है ताकि वे लोकतंत्र के चयनित प्रक्रिया को समझ सके एवं उनमें नेतृत्व करने की क्षमता का विकास हो सके।इसके पश्चात् मुखिया जी ने भैया बहनों को प्रधानमंत्री, सेनापति,

छात्र मंत्रिमंडल एवं छात्र संसद का शपथ पत्र सुपुर्द किया।मुखिया जी ने शपथ पत्र पढ़ा एवं छात्र संसद के भैया बहनों ने उसे दोहराया। मुख्य अतिथि रवि सामड जी ने भैया बहनों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि विद्यालय से ही भैया बहन अपने उत्तरदायित्वों का बोध संसद निर्वाचन प्रक्रिया से करते हैं जिससे उनमें नेतृत्व करने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने सभी भैया बहनों से आग्रह किया कि विद्यालय के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें एवं उनका संचालन करें।विश्व हिंदू परिषद के संयोजक अनीश ठक्कर जी ने अपने मार्गदर्शन में भैया बहनों को बताया कि बाल संसद अनुशासन एवं सेवा भाव सिखाता है बाल संसद के भैया बहन अपने-अपने विभागों में अनुशासित आचरण करते हैं एवं उनमें समाज सेवा का भाव भी जागृत होता है।कार्यक्रम के आगे सचिव महोदय चितरंजन बेहरा जी ने अपने आशीष वचन में कहा कि बाल संसद के चयनित भैया बहनों को जो भी दायित्व प्राप्त हुआ है उसका वे प्रमाणिकता के साथ पूर्ण करेंगे एवं बैठक में जो भी चर्चा-वार्ता की जाएगी उसकी गोपनीयता बनाए रखेंगे।इसके बाद चयनित भैया बहनों को प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, सेनापति सह सेनापति के सैशे उपस्थित अतिथियों द्वारा पहनाए गए।अंत में बहन प्रीतिका रविदास द्वारा शांति मंत्र के साथ कर कार्यक्रम की समाप्ति हुई। कार्यक्रम में चयनित भैया बहनों के माता-पिता भी उपस्थित रहे एवं कक्षा अष्टम,नवम, दशम के छात्र भी उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी आचार्य दीदी जी की योगदान रहा।कार्यक्रम का संचालन गायत्री सुलंकी दीदी जी द्वारा हुआ।
