
कांड्रा। क्षेत्र में आज अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु का महापर्व वट सावित्री पूजा बेहद श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही कांड्रा के विभिन्न पूजा स्थलों पर सुहागिन महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई, जहां महिलाओं ने पूरी निष्ठा के साथ वट वृक्ष और पीपल के पेड़ की पूजा-अर्चना की। क्षेत्र के कांड्रा थाना परिसर स्थित शिव मंदिर के समीप, कांड्रा मध्य बस्ती शिव मंदिर के समीप, कांड्रा सिनेमा हॉल के समीप पीपल पेड़ के नीचे और कांड्रा एस.के.जी. कॉलोनी डीपू के सामने पीपल पेड़ के समीप सुबह से ही पारंपरिक वेशभूषा और सोलह श्रृंगार में सजी-धजी महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। हाथों में पूजा की थाली, जल, मौली (कच्चा सूत), भीगे हुए चने, फल और पकवान लेकर महिलाओं ने कतारबद्ध होकर विधि-विधान से पूजा की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुहागिन महिलाओं ने वृक्षों को जल अर्पित कर रोली, चंदन और अक्षत से तिलक लगाया। इसके बाद वृक्ष के चारों ओर घूमकर कच्चे सूत का रक्षा सूत्र लपेटा और अपने पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत तथा परिवार की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की। पूजा के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से बैठकर पौराणिक सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी और आरती की।
पूजा के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य की बधाई दी और बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। जेठ महीने की इस चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। दोपहर तक सभी पूजा स्थलों पर पूजा-अर्चना और कथा श्रवण का दौर अनवरत जारी रहा, जिससे पूरा कांड्रा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। वही शुभ अवसर पर मुख्य रूप से राखी दे, पूजा देवी, नेहा दे, खुशबू देवी, सुशीला देवी, ब्यूटी नदी, शारदा देवी, रेशमा देवी, नमिता महापात्र, सुनीता महापात्र,ममता देवी,प्रिया देवी, नमिता देवी, दीपिका देवी, रेशमी देवी,कविता देवी,उपस्थित थी
