
नोआमुंडी : शनिवार को नोआमुंडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोजित विश्वास के निर्देश पर इतिहास विभाग के विद्यार्थियों को कॉलेज के सहायक प्राध्यापक डॉ. क्रांति प्रकाश, सुमन चातोम्बा एवं मंजू लता सिंकु के साथ कॉलेज बस द्वारा शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत चाईबासा स्थित नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर ले जाया गया।

शैक्षणिक भ्रमण पर जाने से पूर्व प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के भ्रमण से विद्यार्थियों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक ज्ञान प्राप्त होता है और अपनी संस्कृति एवं इतिहास को समझने का अवसर मिलता है।
केंद्र पर उपस्थित संरक्षक रश्मि कोड़ा एवं गोवर्धन गोप ने विद्यार्थियों को जानकारी दी कि इस केंद्र को जनजातीय जीवन दर्शन संग्रहालय से भी जोड़ा गया है। यह संग्रहालय मुख्य रूप से झारखंड वन विभाग, टाटा स्टील (OMQ डिवीजन) तथा सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एक्सीलेंस के संयुक्त सहयोग से स्थापित किया गया है। यह संग्रहालय जनजातीय संस्कृति एवं प्राकृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को झारखंड के विभिन्न ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें मंदिर स्थलों, शैल एवं गुफा चित्रों, नक्काशियों, शिलालेखों, उत्कृष्ट मूर्तिकला, मिट्टी के बर्तनों तथा प्राचीन खंडहरों का उल्लेख किया गया। विशेष रूप से वांदा, बरकट्टा, करहबाड़ी, बादाम, रामगढ़, इटखोरी एवं सतपहाड़ जैसे स्थलों को मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध बताया गया।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को झारखंड की पारंपरिक कलाओं— पैतकर कला, जादोपटिया चित्रकला, सोहराय कला, कोइवर कला, गंजू कला, रणातैली कला, प्रजापति कला, मुंडा कला, बिरहोर एवं भुइयाँ कला, गोंदना (टैटू) तथा बॉडी आर्ट के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
केंद्र में विद्यार्थियों को टाटा स्टील द्वारा निर्मित एक जानकारीपूर्ण डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिससे उन्हें झारखंड की सांस्कृतिक विरासत, जुरासिक युग, पाषाण युग, गुफा कला, कब्र कला गाँव की संस्कृति तथा राज्य के हस्तशिल्प के बारे में समझने का अवसर मिला।

प्रकृति व्याख्या केंद्र में विद्यार्थियों को झारखंड की समृद्ध विरासत, हज़ारों साल पूर्व प्राचीन काल की जीवन शैली, गुफा केंद्रों तथा विभिन्न युगों की कलाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
भ्रमण के बाद सभी विद्यार्थी काफी प्रसन्न दिखाई दिए और उन्होंने इसे एक ज्ञानवर्धक अनुभव बताया।
