
लौह नगरी नोवामुंडी और आसपास के क्षेत्रों में ईद-उल-फितर का त्योहार अकीदत, सादगी और भाईचारे के साथ मनाया गया। बारिश की वजह से इस बार मुख्य ईदगाह मैदान में नमाज अदा नहीं की जा सकी, जिसके चलते मुस्लिम धर्मावलंबियों ने जामा मस्जिद और अन्य मस्जिदों में नमाज पढ़ी और देश की खुशहाली की दुआ मांगी।
मस्जिदों में उमड़ा जनसैलाब

शनिवार सुबह से ही पूरे इलाके में ईद का उत्साह देखा गया। जामा मस्जिद में सुबह 8 बजे मौलाना हाशिम रज़ा फैज़ी की इमामत में सैकड़ों लोगों ने नमाज अदा की। वहीं, मदरसे में भी करीब 20 लोगों ने सामूहिक नमाज पढ़ी। अहले हदीस मस्जिद में सुबह 7:45 बजे मौलाना अब्दुल्ला साक़िब मदनी ने नमाज संपन्न कराई, जिसमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगकर ‘ईद मुबारक’ कहा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम

त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। मस्जिदों के बाहर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी और पुलिस बल लगातार गश्त करता रहा। सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों के लिए ‘नो एंट्री’ लागू की गई थी, जिससे आम लोगों को आवाजाही में सुविधा हुई।
सेवाइयों की मिठास के साथ ईद मिलन

सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए विभिन्न कमेटियों द्वारा ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। बस स्टैंड ओवरब्रिज के पास नौजवान युवा समिति और बेला मेडिकल के पास मोहर्रम कमेटी द्वारा लच्छा, सेवई और दही-बड़े का वितरण किया गया। इस दौरान हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने एक साथ मिलकर त्योहार की खुशियां बांटीं।
बिजली कटौती ने डाला खलल

त्योहार की सुबह क्षेत्र में बिजली कटौती के कारण स्थानीय लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। बिजली गुल रहने से जलापूर्ति भी बाधित रही, जिससे नमाजियों और घरों में उत्सव की तैयारी कर रहे लोगों को परेशानी हुई। हालांकि, इन समस्याओं के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी
