
नोवामुंडी प्रखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय ने इस वर्ष 12वीं आर्ट्स की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत परिणाम हासिल किया है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में विद्यालय की सभी 41 छात्राएं सफल रहीं, जो ग्रामीण क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
इनमें से 26 छात्राओं ने प्रथम श्रेणी और 15 छात्राओं ने द्वितीय श्रेणी में सफलता प्राप्त की। सीमित संसाधनों के बावजूद इन बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय बल्कि पूरे नोवामुंडी प्रखंड का नाम रोशन हुआ है।
विद्यालय की छात्रा आशा पिंगुआ ने 401 अंक (80.2%) लाकर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, जेमा बाँकिरा 377 अंक (75.4%) के साथ दूसरे और दीपिका महतो 376 अंक (75.2%) के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इन तीनों छात्राओं की सफलता ने अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का काम किया है।

विद्यालय की वार्डन पद्मिनी तियु ने बताया कि यह सफलता छात्राओं की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। स्कूल के सभी शिक्षक और अभिभावक इस उपलब्धि से बेहद खुश और गर्वित हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की ये बेटियां आज यह संदेश दे रही हैं कि अगर अवसर और सही दिशा मिले, तो गांव-देहात के बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं। यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नई प्रेरणा बनकर उभरी

