
प्रतिनिधि, नोवामुंडी : कठिन परिस्थितियों में भी हौसला और मेहनत हो तो सफलता जरूर मिलती है। इस बात को सच कर दिखाया है बड़ा जामदा की होनहार छात्रा निहारिका कुमारी रजक ने, जिन्होंने इंटर कॉलेज नोवामुंडी में आर्ट्स संकाय में टॉप कर इतिहास रच दिया।निहारिका ने कुल 417 अंक प्राप्त कर 83.4% हासिल किया। उनके विषयवार अंक इस प्रकार हैं— अंग्रेजी (ENA) में 74, हिंदी (HIN) में 92, भूगोल (GEO) में 84 और राजनीति विज्ञान (POL) में 76 अंक। इन शानदार अंकों के साथ उन्होंने अपने कॉलेज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।निहारिका की सफलता के पीछे एक मजबूत संघर्ष की कहानी है। उनके पिता स्वर्गीय जुनेश रजक के निधन के बाद उनकी मां ममता देवी ने परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाली। एलटी ऑफिस में डाटा ऑपरेटर के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने अपनी दोनों बेटियों को न सिर्फ पाला, बल्कि उन्हें बेहतर शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई।

निहारिका की बड़ी बहन प्रीति कुमारी रजक, जो कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही हैं, हमेशा उनकी प्रेरणा बनी रहीं। निहारिका ने अपनी शुरुआती शिक्षा पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर, नोवामुंडी से प्राप्त की और शुरू से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहीं।उनकी मेहनत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थीं और ऑनलाइन क्लास के माध्यम से भी अपनी तैयारी को मजबूत करती रहीं। ठंड के मौसम में भी वह सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं।निहारिका अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां, बहन और शिक्षकों को देती हैं। उनका सपना आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी कर देश की सेवा करना है।वह अपने जूनियर्स को संदेश देती हैं कि “अगर मन लगाकर और ईमानदारी से पढ़ाई की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।”निहारिका की इस उपलब्धि से पूरा बड़ा जामदा क्षेत्र गौरवान्वित है। उनकी यह कहानी हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करना चाहता है।
