नोवामुंडी (सरायकेला-खरसावां): नोवामुंडी प्रखंड के कुमिरता गांव में गुन्डीजोड़ा क्रशर के भारी वाहनों के आवागमन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। ग्रामीणों की सुध लेने और वास्तविक स्थिति का जायजा लेने पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा स्वयं गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को झूठे मुकदमों से डराने की कोशिशों पर कड़ा रोष प्रकट किया।
सड़क जर्जर, दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि संकरी ग्रामीण सड़क भारी वाहनों के लिए नहीं बनी है। लगातार ट्रकों के चलने से सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव की सुरक्षा को देखते हुए भारी वाहनों का परिचालन तुरंत बंद किया जाए।
झूठे मुकदमों पर भड़के मधु कोड़ा
विरोध करने पर ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा डराने और झूठे मुकदमों में फंसाने के आरोपों पर मधु कोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:
”ग्रामीण अपने हक और सुरक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें झूठे केस में फंसाना पूरी तरह गलत है। प्रशासन तुरंत इन मुकदमों को वापस ले, वरना हम ग्रामीणों के साथ मिलकर जोरदार आंदोलन करेंगे।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गांव के भोले-भाले लोगों के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौके पर भारी संख्या में एकजुट ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को साझा किया और जल्द समाधान की उम्मीद जताई।