
नोवामुंडी। स्थानीय सेंट मैरी चर्च में आयोजित तीन दिवसीय आध्यात्मिक साधना का सोमवार को श्रद्धा और उल्लासपूर्ण माहौल में समापन हुआ। सुबह 11 बजे आयोजित विशेष ‘धन्यवाद पवित्र मिस्सा’ में ईसाई समुदाय के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और आत्मिक नवजीवन का अनुभव किया।

मुख्य उपदेशक फादर केरोबिन केरकेट्टा ने अपने संदेश में ‘चालीसा काल’ की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “यह समय आत्मशुद्धि, गहरा आत्ममंथन और ईश्वर के करीब जाने का पावन अवसर है।” उन्होंने सभी को ईसा मसीह के बताए प्रेम, क्षमा और निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
इस धार्मिक अनुष्ठान में पल्ली पुरोहित फादर जॉर्ज एक्का, फादर मुकेश केरकेट्टा सहित सेंट मैरी स्कूल की धर्म बहनें और शिक्षक-शिक्षिकाएं भी शामिल हुए। तीन दिनों तक चले इस साधना शिविर में निरंतर प्रार्थना, मनन और भक्ति गीतों से पूरा चर्च परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। अंत में सभी ने अपने दैनिक जीवन में नैतिक और मानवीय मूल्यों को उतारने का सामूहिक संकल्प लिया।
