
नोवामुंडी। आज सोमवार सुबह 10:00 बजे नोवामुंडी के ग्रामीण अंचलों में मंगलवार से ‘मां मंगला’ की पहली पूजा का भव्य आयोजन शुरू हो गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। घर-परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी की आराधना में जुटे हैं।
श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए उपवास रखा और पवित्र नदियों से जल लाकर विधि-विधान से पूजा अर्चना की। बाजारों में भी सुबह से ही भारी भीड़ रही, जहाँ लोग पूजा के लिए बाँस की टोकरी, सूप, नए फल और फूल खरीदते नजर आए। दुकानदारों के अनुसार, इस वर्ष पिछले साल की तुलना में खरीदारी में काफी बढ़ोतरी हुई है।

मान्यता के अनुसार, इस पूजा में बत्तख, मुर्गा और बकरा की बलि देने की भी परंपरा है। झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों में मां मंगला की पूजा विशेष श्रद्धा के साथ की जाती है। इस धार्मिक अनुष्ठान में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, जो क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक एकता का अनूठा उदाहरण पेश कर रहा है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि मां मंगला की कृपा से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
