
गम्हरिया स्थित टीएसजी प्लांट में औद्योगिक क्षेत्र में संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन की 30 सदस्यीय टीम द्वारा एकदिवसीय दौरा सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सरायकेला–खरसावां के उपायुक्त से प्राप्त निर्देश के आलोक में संपन्न हुआ। इसके तहत टीएसजी सहित जिले की अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी एनडीआरएफ के सहयोग से नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने की योजना बनाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

कार्यशाला की शुरुआत टीएसजी प्लांट के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित परिचयात्मक सत्र से हुई। इस अवसर पर प्लांट चीफ रंजन कुमार सिंह ने उत्पादन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाले संभावित जोखिमों और आपदाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने तथा नियमित मॉक ड्रिल के माध्यम से कर्मचारियों को हर तरह की आपात परिस्थितियों के लिए तैयार रखा जाता है।

अपने संबोधन में रंजन कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपदा प्रबंधन किसी भी औद्योगिक इकाई के लिए केवल औपचारिकता या कागजी प्रक्रिया नहीं हो सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि निरंतर अभ्यास, सतर्कता और एनडीआरएफ जैसी विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय से ही जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
इसके पश्चात एनडीआरएफ 9वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट कौशल कुमार ने बल की भूमिका, दायित्वों और देशभर में किए गए प्रमुख राहत एवं बचाव अभियानों पर आधारित एक विस्तृत विजुअल प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं, औद्योगिक दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन स्थितियों में एनडीआरएफ की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, आधुनिक तकनीकों और प्रशिक्षित कर्मियों की भूमिका को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया।

कार्यशाला के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित रेस्पॉन्स, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, आगजनी और औद्योगिक दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। इन सभी बिंदुओं का जीवंत प्रदर्शन बाद में एरिया मैनेजर (सेफ्टी) राहुल कुमार एवं एनडीआरएफ टीम द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित मॉक ड्रिल के माध्यम से किया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर सेफ्टी चीफ अगम कुमार, सेफ्टी हेड सुनील कुमार, ईएस एंड सीआर हेड प्रमोद कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सीआर हेड के निर्देशानुसार एरिया मैनेजर ईएस एंड सीआर महेंद्र सिंह की देखरेख में कार्यशाला का सफल संचालन किया गया। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने इस प्रकार के प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
