
सरायकेला । खूंटी टैंकर एसोशिएशन के अध्यक्ष टीका खान के नेतृत्व में खरसावां के शहीदों को फूल माला चढ़कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। श्रद्धांजलि देने वालों में टैंकर एसोशिएशन के अध्यक्ष टिका खान के साथ-साथ आदिवासी महासभा के केंद्रीय सचिव, पड़हा राजा प्रतिनिधि, झारखंड आंदोलनकारी एवं एसोसिएशन के महासचिव संजय होरो, रांची जिला मजदूर लोजपा के अध्यक्ष अनिल डेविड मिंज, झारखंड आंदोलनकारी एवं एसोशिएशन के संरक्षक सुनील कुमार तांती नंदा, सैयद एजाज अहमद, असगर खान, गयासुद्दीन अंसारी आदि शामिल थे। इस अवसर पर खूंटी टैंकर एसोशिएशन के अध्यक्ष टीका खान ने खरसावां के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए ग्रामीणों का हुजूम टूट पड़ा है।

उन्होंने कहा कि खरसावां गोली कांड 1 जनवरी 1948 को हुआ था, जहां उड़ीसा में रियासतों के विलय का विरोध कर रहे आदिवासियों पर उड़ीसा पुलिस ने मशीनगनों से गोलियां चलाईं। इस बर्बर गोली कांड में लगभग 2000 आदिवासी शहीद हुए थे। इसे दूसरा जलियांवाला वाला बाग गोलीकांड भी कहा गया है। क्योंकि यह आजाद भारत का एक बड़ा नरसंहार था, जो अलग झारखंड राज्य की मांग और जमीन के अधिकारों से जुड़ा हुआ था। झारखंड आंदोलनकारी संजय होरो ने कहा कि खरसावां गोली कांड के शहीदों के आश्रितों को न्याय मिले यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।मौके पर सुनील तांती नंदन ने कहा कि अब तक खरसावां गोलीकांड के शहीदों ओर उनके आश्रितों को न्याय नहीं मिल पाया है। इसके साथ ही अभी तक इस बात को भी स्पष्ट नहीं किया गया है की कितने आदिवासी शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार बार-बार झूठे आश्वासन देती है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार का वादा भी झूठा ही साबित हुआ।
