
खूंटी। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड खूंटी टर्मिनल के स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के हित में खूंटी टैंकर एसोसिएशन के 2 दिन के जबरदस्त आंदोलन ने रंग दिखलाया। एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाम मुस्तफा उर्फ टीका खान के नेतृत्व में इंडियन ऑल खूंटी टर्मिनल के स्थानीय ट्रांसपोर्टरों की पहली जीत हुई। हालांकि संघर्ष अभी आगे भी जारी रहेगा। आंदोलन में कई ऐसी बड़ी हस्तियां भी रही जिन्होंने गुप्त रूप से समर्थन दिया। एसोशिएशन की इस लड़ाई में एक नाम ऐसा भी है जो इस जीत के बड़े हकदार हैं और वह कोई और नहीं बल्कि बिना पद के सैयद एजाज अहमद हैं।

इसके साथ ही झारखंड आदिवासी महासभा के केंद्रीय सचिव संजय होरो झारखंड आंदोलनकारी सुनील कुमार उर्फ नंदा, तमाड़ के धाकड़ नेता रॉबर्ट सहित कई महत्वपूर्ण लोग शामिल है। इस आंदोलन के दूसरे दिन कई उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खूंटी टर्मिनल के पदाधिकारियों और एसोशिएशन के पदाधिकारियों के बीच वार्ता के तीसरे राउंड में नतीजा स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के हित में आया।इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड खूंटी टर्मिनल के स्थानीय ट्रांसपोर्टरों की मांग इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड खूंटी टर्मिनल के DGM को दिए मांग पत्र में एसोशिएशन ने स्थानीय ट्रांसपोर्टरों एवं वर्तमान स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को प्राथमिकता देने की मांग की है। एसोशिएशन के अध्यक्ष गुलाम मुस्तफा टीका खान ने डीजीएम में को लिखे मांग पत्र में बताया है कि जो भी वर्तमान ट्रांसपोर्टर जिनका ट्रांसपोर्टिंग फिलहाल खूंटी टर्मिनल से चल रहा है, सभी ने टेंडर में भाग लिया है। उक्त टेंडर में बहुत सारे बाहरी ट्रांसपोर्टर भी अपना टेंडर डालें हैं। टीका खान ने कहा कि हम लोग आपसे अनुरोध करते हैं कि इस टेंडर में वर्तमान ट्रांसपोर्टर एवं स्थानीय ट्रांसपोर्टर को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि जो टैंकर पूर्व टेंडर एवं 2025 एडिशनल में चल रही है उसका किस्त अभी पूरी तरह से बाकि है। उन्होंने कहा कि आपसे अनुरोध है कि टर्मिनल को सुचारू रूप से चलाने में हम सभी ट्रांसपोर्टरों का पूर्ण रूप से सहयोग आपके साथ रहेगा।इसका मुख्य कारण यह है कि हम सभी ट्रांसपोर्टरों का एकमात्र आजीविका का साधन यही है। इसलिए स्थानीय होने के नाते पहली प्राथमिकता दिया जाय। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से पिछले लगभग 20-25 सालों से हम सभी जुड़कर काम कर रहे हैं इसको देखते हुए हम लोग कॉरपोरेशन से सहयोग की उम्मीद करते हैं। हम सभी अग्रह पूर्वक आपसे मांग करते हैं कि हमारी प्राथमिकता को सर्वोच्च रखा जाए अन्यथा अपने आजीविका ट्रांसपोर्टिंग एवं स्थानीय होने के नाते किसी बाहरी ट्रांसपोर्टर को को L OI/wORK/ORDAR दिया जाता है तो हम लोग मजबूरन उनका विरोध करेंगे और आर पार की लड़ाई लड़ने को हम मजबूर हो जाएंगे ?अत आपसे आग्रह है की हम सभी स्थानीय ट्रांसपोर्टों की मांग को प्राथमिकता देते हुए इस पर अमल करने की कृपा की जाए इसके लिए हम सभी स्थानीय ट्रांसपोर्टर आपके सदैव आभारी रहेंगे।चालक एवं संचालकों की मुख्य परिचालन पदाधिकारी बिहार स्टेट ऑफिस पटना से मांग इंडियन ऑयल खूंटी टर्मिनल के चालक एवं संचालकों ने मुख्य परिचालन पदाधिकारी बिहार स्टेट पटना ऑफिस से कई समस्याओं का अवगत कराते हुए उसका निराकरण करने की मांग की है। जिसमें खूंटी बस टर्मिनल में शौचालय, पेयजल, टैंकर पार्किंग, रेस्ट हाउस, ड्राइवर खलासी का गेट पास जो जमा है उसे वापस करने के साथ-साथ खूंटी टर्मिनल के पदाधिकारी से सहयोग करने की मांग की है। वार्ता में रहे शामिलइस वार्ता में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन खूंटी टर्मिनल मैनेजमेंट की ओर से श्रीकांत सिंह DGM, BSO Patna टर्मिनल मैनेजर तमाल प्रामाणिक एवं रांची से पंकज कुमार मुख्य परिचालन पदाधिकारी एवं खूंटी टैंकर एसोशिएशन की तरफ से अध्यक्ष गुलाम मुस्तफा टीका खान, उपाध्यक्ष उमेश भगत एवं चालक उपचालक के उपस्थिति में वार्ता के कई दौर के बाद हड़ताल स्थगित किया गया। टीका खान ने कहा कि हमारी सभी मांगों को सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन मिला।
