झारखंड सरकार के श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की ओर से निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम 2021- 22 को ले कार्यशाला आयोजित किया गया। बता दें कि इस नियमावली के तहत राज्य के निजी क्षेत्र में काम करने वाले संस्थानों में 40 हजार तक के वेतनमान के लिए 75 फीसदी स्थानीय युवाओं को लेने का प्रावधान है।

मुख्य अतिथि राज्य के आदिवासी कल्याण एवं परिवहन मंत्री चंपई सोरेन, विशिष्ट अतिथि विधायक दशरथ गागराई, ईचागढ़ विधायक सविता महतो, सरायकेला जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंदर कुमार अग्रवाल, ऑटो क्लस्टर के एमडी एसएन ठाकुर, विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य, मंत्री के आप्त सचिव चंचल गोस्वामी सहित उपायुक्त अरवा राजकमल, एडीएम सुबोध कुमार के अलावा जिले के तमाम उद्यमी संगठनों एवं औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला नियोजन पदाधिकारी रवि कुमार ने इस नीति से मौजूद अतिथियों का परिचय कराया।

सरकार की नीति का समर्थन कर एमडी ऑटो क्लस्टर एसएन ठाकुर एवं लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंदर कुमार अग्रवाल ने हर संभव सहयोग करने का भरोसा दिलाया और कहा उद्योगों के सरलीकरण एवं स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने हर छोटी बड़ी इकाइयों से नियोजनालय में हर हाल में निबंधन कराने की अपील की। उपायुक्त अरवा राजकमल ने उद्यमी संगठनों एवं औद्योगिक इकाइयों से मिल रहे सहयोग की सराहना कर कहा वैसे संस्थान जिन्होंने अबतक सरकार के पोर्टल पर निबंधन नहीं कराए हैं, वे अविलंब सक्षम अधिकारियों के समक्ष नियोजन करा जुर्माने से बचने की अपील की।

उन्होंने कहा इसके लिए उपायुक्त स्तर से ही दो लाख रुपए के दंड और हर दिन पांच हजार जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने साफ तौर पर झारखंड सरकार के नियोजन नीति 2021- 22 के प्रावधानों के तहत संस्थान चलाने की अपील की। उद्यमी रूपेश कतरियार, एसिया अध्यक्ष संतोष खेतान, सीआईआई झारखंड चैप्टर के अध्यक्ष तापस साहू, मिथिला मोटर्स के एचआर हेड मदन कुमार ने सरकार के इस प्रयास की सराहना कर हर हाल में सहयोग का भरोसा दिलाया। उपायुक्त ने बारी- बारी से सभी के सवालों का जवाब दिया। मंत्री चम्पई सोरेन ने कहा कि कार्यशाला में उद्यमियों के सामने सरकार बड़ी उम्मीद के साथ आई है, क्योंकि सरकार के इस नीति को सफल बनाने में यहां के उद्यमियों की भूमिका बेहद अहम है। कहा उनकी आंखों के सामने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हुई है। आदित्यपुर में 1400 छोटी बड़ी इकाइयों समेत राज्य खनिज संपदाओं से परिपूर्ण है। सरकार यहां के युवाओं का पलायन रोकने के लिए कृतसंकल्पित है। इसी सोच के साथ सरकार राज्य के निजी क्षेत्र के संस्थानों में 75 फ़ीसदी स्थानीय युवाओं को 40 हजार वेतन तक नियोजित करना चाहती है। उन्होंने कहा राज्य विकसित तभी हो सकेगा जब यहां के उद्यमी सहयोग करेंगे। युवा मुख्यमंत्री यहां के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के सोच के साथ इस नीति को लागू कराना चाहते हैं। शहर और गांव की खाई को पाटना चाहते हैं। देश और दुनिया तरक्की के आयाम लिख रहे हैं मगर यहां के आदिवासी- मूलवासी आज भी मूलभूत संसाधनों से वंचित हैं। आदिवासियों मूलवासियों को मूलभूत जरूरी सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से इस नीति को लागू करना जरूरी है। देश और राज्य तभी विकसित कहलायेगा जब हर हाथ में रोजगार होगा। कार्यशाला को विधायक दशरथ गागराई एवं ईचागढ़ विधानसभा सविता महतो ने भी संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन एडीसी सुबोध कुमार ने किया।
