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प्रदेश में प्रावधान पेसा अधिनियम कानून के तहत ग्राम सभा गांजिया बराज को खारिज करता है : संग्राम मार्डी

स्वर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के तहत संजय नदी पर गंजिया बराज बांध और केनाल के निर्माण के विरोध में ग्राम प्रधान सह मांझी बाबा विरधान मांझी और आदिवासी मूलवासी भूमि रक्षा मोर्चा के अध्यक्ष सह मुख्य सलाहकार संग्राम मार्डी के नेतृत्व में आज सरायकेला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय सामूहिक सांकेतिक भूख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन किया गया.


इस एक दिवसीय सामूहिक सांकेतिक भूख हड़ताल में गांव के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए. सारे ग्रामीण अपने पारंपरिक वेशभूषा और हथियार के साथ वरिष्ठ नागरिक गृह से पैदल उपायुक्त कार्यालय तक आए.इस दौरान ग्रामीणों ने झारखंड सरकार होश में आओ, मंत्री चंपई सोरेन होश में आओ , सरकार की मनमानी नहीं चलेगी का नारा लगाया. सरायकेला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष पहुंचकर सबसे पहले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

और उनके बलिदान को याद किया गया.वहीं इस बीच ग्राम प्रधान विरधान मांझी ने कहा कि आज स्वर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के तहत संजय नदी पर गाजिया बराज बांध और केनाल के निर्माण के विरोध में सरायकेला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय सामूहिक सांकेतिक भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया गया .उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को बिना सूचना दिए ही गाजियाबराज में सौंदर्यीकरण और केनाल का निर्माण किया जा रहा है जिसे हम ग्रामीण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे.

उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा से ज्यादा बड़ा ग्रामसभा होता है परंतु यहां तो बिना ग्रामसभा किए ही इस तरह का कार्य शुरू कर दिया गया है.वहीं आदिवासी मूलवासी भूमि रक्षा मोर्चा के अध्यक्ष सह मुख्य सलाहकार संग्राम मार्डी ने कहा कि गाजियाबराज में सौंदर्यीकरण और केनल के निर्माण को लेकर सरायककेला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय सामूहिक सांकेतिक भूख हड़ताल और प्रदर्शन किया जा रहा है उन्होंने कहा कि बिना ग्राम सभा किए या बिना ग्रामीणों को सूचना दिए ही गाजियाबराज में सौंदर्यीकरण और केनाल का निर्माण किया जा रहा है,जो कि गलत है.

कहा कि इस तरह के कार्य को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. ये कार्य बर्दास्त करने योग्य नहीं. संग्राम मार्डी ने बताया कि भारतीय संविधान अनुच्छेद 243 ,244 (1) ,13 (3)क, पेसा कानून अधिनियम पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र की उप पैरा 5(1) , 5(2) से (6) पर व्यवस्थित परंपरागत विधि व्यवस्था उल्लेखित है .झारखंड प्रदेश में प्रावधान पेसा अधिनियम कानून के तहत ग्राम सभा गाजिया बराज को खारिज करता है .

वहीं मूलवासी भूमि रक्षा मोर्चा के अध्यक्ष सह मुख्य सलाहकार संग्राम मार्डी नेबताया कि आज सरायकेला उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया, महामहिम राज्यपाल, झारखंड सरकार को ज्ञापन सौंपा गया.वही मुख्यरूप से संग्राम मार्डी आदिवासी मूलवासी भूमि रक्षा मोर्चा के मुख्य सलाहकार सह अध्यक्ष, खुचिडीह ग्राम प्रधान सह मांझी बाबा विरधान माझी,राजेश हांसदा ग्राम प्रधान सह मांझी बाबा चौड़ा , बिरसा सेना से दिनकर कछयप, झारखंड पूर्णउथान सनी सिंकु, पूर्व विधायक बहादुर उरॉव,वार्ड सदस्य रुकमणी हांसदा, शिव राम बास्के , दशरथ हेंब्रम ,भगवत बास्के, शिवनाथ बेसरा, भरत हांसदा,साकरो मझियाईंन तुलसी हांसदा आदि लोग उपस्थित थे.
