
25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल के विरोध में आनंद मार्गियों ने रविवार को काला दिवस के रूप में मनाया। आनंद मार्ग प्रचारक संघ के भुक्ति प्रधान गोपाल बर्मन ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र पर काला धब्बा लगाते हुए पूरे देश में आपातकाल की घोषणा की थी। आपातकाल के बाद नागरिकों के मूल अधिकार स्थगित हो गया। 25 जून 1975 को पूरे भारतवर्ष में इमरजेंसी लगा दिया गया और आनंद मार्ग के लगभग एक सौ से भी ज्यादा संगठनों को बैन कर दिया गया। सबसे ज्यादा अत्याचार आनंद मार्ग के गुरु संस्थापक भगवान श्री श्री आनंदमूर्ति जी को चिकित्सा के नाम पर जहर देकर किया गया।
