
कांड्रा से डुमरा, हुदू ,कुनामारचा,से सीनी जानेवाली सड़क निर्माण की मांग को लेकर 10 जुलाई से सरायकेला अनुमंडल कार्यालय के समीप हुदू डूमरा सड़क संघर्ष समिति के बैनर तले हूदू और डूमरा पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण आंदोलनकारी नेता रमेश हांसदा के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठेंगे, जिसकी तैयारी को लेकर आज कुमारडाही गांव में ग्राम प्रधान रामपोदो महतो की अध्यक्षता में बैठक किया गया

और आमरण अनशन की तैयारी को लेकर आगे की रूपरेखा तैयार की गई, कुमारडाही गांव के ग्रामीणों ने कहा इस आंदोलन में हमलोगों का पूर्ण समर्थन है, हमलोगों का सड़क किसी भी हाल में बनना चाहिए, बैठक में मुख्य रूप से वार्ड सदस्य राजेश सरदार,छूटू महतो,मनशा मूर्म, कालीचरण महतो,अरूण महतो,कुष्णा टुडू, सोनाराम टुडू,चिन्मय महतो, अजित महतो,अशीन महतो,प्रकाश सरदार एंव अन्य ग्रामवासी उपस्थित थे.आप को बताते चले की विगत कई दशकों पूर्व कांड्रा से डुमरा, महता बेड़ा,हुदू,

कुनामार्चा,पालोबेड़ा,जंगली ख़ास,मोहितपुर से सिनी जाने वाली सड़क बनाई गयी थी . लेकिन विभाग द्वारा रखरखाव नहीं करने के कारण इसकी स्थिति काफ़ी दयनीय हो गई है . इस सड़क पर अब साइकिल चलाना भी अपने आप को चोटिल कर अस्पताल पहुंचाने का कार्य हो सकता है. आपको बता दें कि इस रास्ते हजारों की संख्या में ग्रामीण प्रतिदिन कांड्रा बाजार,गम्हरिया

प्रखंड,सिनी बाजार,सरायकेला बाजार,सरायकेला प्रखंड कार्यालय और जिला कार्यालय आना जाना करते है . सड़क की स्थिति खराब होने के कारण घर से समय से कई घंटो पूर्व निकलना पड़ता है वापस घर आने वक्त भी काफी देर हो जाती है .
वहीं सड़क मार्ग पर कोई सरकारी वाहन की भी सुविधा नहीं दी गई है.यहां पर हुदू पंचायत के कई गांव सुदूरवर्ती है जो जंगल से सटे हुए है जहां तक आवागमन भी काफी कठिन हो गया है . सड़क खराब होने के कारण सरकारी एंबुलेंस जो 108 डायल करने पर उपलब्ध होती है

इसकी भी सुविधा क्षेत्र में नहीं दी गई है. सबसे बड़ा कारण सड़क बताया जा रहा है . साथ ही मेडिकल सुविधा ना के बराबर इस क्षेत्र में उपलब्ध है. यदि हुदू की सड़क किसी भी तरह बन जाती है तो ग्रामीणों को बहुत राहत होगी, इसी उद्देश्य से भाजपा नेता रमेश हांसदा ने एक समिति का गठन किया है. जो सड़क बनाने के लिए संघर्ष कर रही है. आने वाले 10 जुलाई को अनुमंडल कार्यालय में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की जाएगी.वहीं रमेश हांसदा ने कहा कि स्थानीय विधायक सह मंत्री झारखंड सरकार के द्वारा सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार का कोई सकारात्मक कदम ना उठाना समझ से परे है.

आखिर , विधायक जनता ने बनाया है .जनता की समस्या का समाधान करना उनका दायित्व , फर्ज़, कर्तव्य सभी है . झारखंड सरकार में झारखंड मुक्ति मोर्चा कांग्रेस आरजेडी की सरकार है. इस सरकार में मंत्री पद का दायित्व होने के बावजूद भी ग्रामीणों से धीरे-धीरे मंत्री चंपई सोरेन दूर होते जा रहे है .आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर यह सड़क निर्माण का चौड़ीकरण समय को देखते हुए अति आवश्यक है.परंतु इस सड़क निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है.जो की ग्रामीणों के लिए यह बड़ी समस्या उत्पन्न करता है.

आखिर कब सरकार यहां के ग्रामीणों की समस्याओं को समझेगी और उसे हल करने का प्रयास करेगी? कब तक ग्रामीण इस जर्जर सड़क से आवागमन करने को मजबूर रहेंगे?वहीं कांन्ड्रा से डुमरा, हुदू ,कुनामारचा,से सीनी जानेवाली सड़क निर्माण की मांग को लेकर 10 जुलाई से सरायकेला अनुमंडल कार्यालय के समीप हुदू डूमरा सड़क संघर्ष समिति के बैनर तले हूदू और डूमरा पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण आंदोलनकारी नेता रमेश हांसदा के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठेंगे.
