
–नेत्र उत्सव पर हरिभंजा में पृथ्वीराज सिंहदेव का भजन संध्या का होगा आयोजन,जुटेंगे सैकड़ों श्रद्धालु
19 जून : प्रभु जगन्नाथ का नेत्र उत्सव सह नव यौवन रुप के दर्शन
20 जून : श्रीगुंडिचा रथ यात्रा
24 जून : हेरा पंचमी पर मां लक्ष्मी द्वारा रथ भंगिनी
27 जून : संकट तारीणी व्रत
28 जून : श्री जगन्नाथ गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर तक बाहुड़ा यात्रा
सरायकेला : सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्रभु जगन्नाथ का नेत्र उत्सव होगा. मौके पर जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा के नवयौवन रुप के दर्शन होंगे. प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा 14 दिनों के बाद भक्तों को दर्शन देंगे. खरसावां के हरिभंजा स्थित जगन्नाथ मंदिर ने नेत्र उत्सव पर पृथ्वीराज सिंहदेव के भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा. जानकारी के अनुसार हरिभंजा के जगन्नाथ मंदिर में प्रभु जगन्नाथ का नेत्र उत्सव सोमवार दोपहर को किया जायेगा. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना की जायेगी. नेत्रोत्सव के पश्चात भंडारे का आयोजन कर भक्तों में प्रसाद का वितरण किया जायेगा.

आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से प्रसाद सेवन के लिये दोपहर दो बजे पहुंचने की अपील की गयी है. शाम को मंदिर परिसर में भजवान जगन्नाथ, बलभद्र, देवी सुभद्रा व सुदर्शन का नव यौवन रुप के दर्शन होंगे. इस दौरान विशेष श्रृंगार किया जायेगा. साथ ही भजन संध्या का भी आयोजन किया जायेगा. भजन गायक पृथ्वीराज सिंहदेव द्वारा भगवान जगन्नाथ के भक्ति भाव पर आधारित भजन पेश किया जायेगा. भजन संध्या में भी लोगों से पहुंचने की अपील की गयी है.
— हरिभंजा में भव्य तरीके से होता है रथ यात्रा का आयोजन
मान्यता है कि नेत्र उत्सव में प्रभु के अलौकीक रुप के दर्शन मात्र से पुण्य मिलती है. सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार 4 जून को स्नान पुर्णिमा के दिन अत्याधिक स्नान से प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा बीमार हो गये थे. इसके बाद मंदिर के अणसर गृह में देशी नुस्खों के साथ उपचार किया गया. अलग अलग प्रकार के जड़ी-बुटी से तैयार दवा दी गयी. अब प्रभु जगन्नाथ स्वस्थ्य हो गये है. इस दौरान अणसर गृह में ही चतुर्था मूर्ति का रंगाई-पुताई किया गया है. नेत्र उत्सव के दिन भगवान पूरी तरह से स्वस्थ हो कर भक्तों को दर्शन देंगे. नेत्र उत्सव के एक दिन बाद 20 जून को प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा रथ पर सवार हो कर गुंडिचा मंदिर के लिये प्रस्थान करेंगे. मौके पर भक्तों में प्रसाद का भी वितरण किया जायेगा. जिला में करीब एक दर्शन स्थानों पर रथ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है. खरसावां के हरिभंजा की रथ यात्रा उत्सव काफी लोकप्रिय है.
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