
आदित्यपुर, गम्हरिया तथा कांड्रा समेत आसपास के क्षेत्र में बंगाली समाज के लोगों द्वारा जामाई षष्ठी उत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। यह दिन मुख्य रूप से घर के दामाद या जामाई को समर्पित होता है। यह उत्सव एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण और पारिवारिक सम्बंद्धों को मजबूती देने वाला उत्सव होता है।

इस दिन जामाई और बेटी की विशेष रूप से आमंत्रित कर तरह तरह के पकवान विशेषकर मछली आदि बना विशेष आदर सत्कार किया गया। उन्हें विशेष सम्मान के साथ भोजन कराया गया।


उन्हें विशेष रूप से नए कपड़े आदि दिया गया। बेटी और दामाद की सास के द्वारा विशेष पूजा की गई। दही का टिका और हाथ पर पिला धागा बांध जामाई की दीर्घायु होने की कामना की गई।
