
संवाददाता संचार भारत न्यूज़,नोवामुंडी
नोवामुंडी ओवरब्रिज के डेंजर जोन में एक ओवरलोड हाईवा पिछले 24 घंटे से अधिक समय से सड़क के बीच खड़ा है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात करीब 8 बजे वाहन ब्रेकडाउन होने के बाद सड़क पर ही रुक गया था। लंबे समय बाद भी वाहन को नहीं हटाए जाने से ओवरब्रिज पर यातायात प्रभावित हो रहा है और बड़े वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क के बीच खड़े इस हाईवा पर रात के समय न तो इंडिकेटर लाइट जल रही है और न ही वाहन की मौजूदगी का संकेत देने के लिए पर्याप्त चेतावनी व्यवस्था की गई है। ऐसे में अंधेरे में तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को अचानक खड़े हाईवा का सामना करना पड़ सकता है।
बड़े वाहनों के आवागमन में परेशानी

ओवरब्रिज पर हाईवा के खड़े रहने से खासकर बड़े वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही है। डेंजर जोन में वाहन के इस तरह खड़े रहने को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वाहन को नहीं हटाया गया और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए, तो किसी गंभीर दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ओवरलोड वाहनों के परिचालन को लेकर भी शिकायत
इधर, नोवामुंडी क्षेत्र में ओवरलोड आयरन लदे हाईवा और बड़े ट्रकों के परिचालन को लेकर भी स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहन नियमित रूप से सड़कों और ओवरब्रिज से गुजर रहे हैं।
ओवरलोड वाहनों के परिचालन को लेकर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई नहीं होने से सड़क सुरक्षा के साथ-साथ पुल और सड़क की संरचनात्मक क्षमता पर भी दबाव बढ़ सकता है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क के बीच खड़े ब्रेकडाउन हाईवा को तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए खराब वाहनों के आसपास पर्याप्त इंडिकेटर, चेतावनी लाइट और रिफ्लेक्टिव संकेतक लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
इसके अलावा क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों के परिचालन की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठ रही है। अब देखना यह है कि डेंजर जोन में लंबे समय से खड़े इस हाईवा और ओवरलोडिंग की शिकायतों पर संबंधित विभाग कब तक संज्ञान लेता है।
