
भक्ति जागरण की सबसे बड़ी विशेषता जमशेदपुर से आई भजन संध्या टीम की शानदार प्रस्तुति रही। टीम के कलाकारों ने अपनी सुरीली आवाज और दमदार प्रस्तुति से ऐसा भक्तिमय माहौल बनाया कि श्रद्धालु देर रात तक पंडाल में डटे रहे।महिला गायिका राधा साहू ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से विशेष छाप छोड़ी। उनके द्वारा प्रस्तुत गणेश भजन “ना हमसे भंगिया पिसाई, गणेश के पापा…” पर पूरा पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। कलाकारों ने गणेश वंदना सहित विभिन्न भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति में सराबोर कर दिया।भजन टीम की गायकी, संगीत और प्रस्तुति में दिखी ऊर्जा की श्रद्धालुओं ने जमकर सराहना की।


पंडाल में मौजूद लोगों का कहना था कि कलाकारों ने सिर्फ भजन नहीं गाए, बल्कि अपनी प्रस्तुति से पूरे माहौल को भक्ति की अनुभूति में बदल दिया।झांकी टीम की अद्भुत प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्धभक्ति जागरण के दौरान जमशेदपुर से आई झांकी टीम की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। कलाकारों ने धार्मिक प्रसंगों और देवी-देवताओं के स्वरूपों को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।वीर बजरंगबली की झांकी सामने आते ही पंडाल जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा। इसके अलावा गोरिल्ला और भालू की अनोखी झांकियों ने भी लोगों का खूब ध्यान खींचा। इस तरह की प्रस्तुति को लेकर खासकर बच्चों और युवाओं में काफी उत्साह देखा गया।मां काली की भव्य झांकी रही सबसे खास आकर्षणझांकियों में मां काली का भव्य स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

मां काली की प्रभावशाली प्रस्तुति देखकर श्रद्धालु कुछ क्षणों के लिए मानो उसी धार्मिक वातावरण में खो गए। कलाकारों की वेशभूषा, रूप-सज्जा और प्रस्तुति ने झांकी को और भी जीवंत बना दिया।इसके अलावा भगवान शंकर, भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार और मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध की झांकियों ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। धार्मिक कथाओं और प्रसंगों को मंच पर जीवंत करने में झांकी टीम के कलाकारों की मेहनत साफ दिखाई दी। उनकी प्रस्तुति को श्रद्धालुओं ने तालियों और जयकारों के साथ खूब सराहा।हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद व्यवस्थित रहा आयोजनकार्यक्रम की सफलता के पीछे आजाद बॉयज क्लब एवं आजाद वॉइस क्लब कमेटी के सभी सदस्यों की मेहनत और समर्पण महत्वपूर्ण रहा। आयोजन की तैयारी से लेकर मंच व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, कलाकारों के स्वागत और कार्यक्रम के सुचारू संचालन तक कमेटी के सदस्य पूरी तत्परता के साथ जुटे रहे।धुना बहुरिया समेत कमेटी के सभी सदस्यों और आयोजन टीम ने जिस समर्पण के साथ जिम्मेदारियां संभालीं, उसका परिणाम कार्यक्रम के दौरान साफ दिखाई दिया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से देर रात तक चलता रहा।आयोजन समिति की मेहनत की श्रद्धालुओं ने भी सराहना की। लोगों का कहना था कि भक्ति जागरण को सफल बनाने में केवल कलाकारों की ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे लगातार मेहनत करने वाले कमेटी के प्रत्येक सदस्य की भूमिका महत्वपूर्ण रही।पुलिस प्रशासन भी रहा मुस्तैदबड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए नोवामुंडी पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। सब-इंस्पेक्टर पूर्णिमा कुमारी और सब-इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह अपने पूरे दलबल के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस टीम ने भीड़ और विधि-व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखी।पुलिस प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी और आयोजन समिति की व्यवस्था के कारण देर रात तक चले कार्यक्रम के बावजूद माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।कलाकारों को अंगवस्त्र देकर किया सम्मानितभक्ति जागरण के समापन अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के धर्म प्रसार प्रमुख नीलेश ठक्कर ने भजन संध्या में प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकारों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों की शानदार प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।भक्ति, संगीत और आस्था की यादगार रात बनी आजाद बस्तीशनिवार की रात आजाद बस्ती का गणेश पूजा पंडाल केवल एक कार्यक्रम का स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना रहा। कहीं भजनों की मधुर तान सुनाई दे रही थी तो कहीं धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं का मन मोह रही थीं। बच्चों की उत्सुकता, महिलाओं की श्रद्धा, युवाओं का उत्साह और बुजुर्गों की आस्था ने पूरे वातावरण को विशेष बना दिया।जमशेदपुर से आई भजन संध्या टीम की सुरमयी प्रस्तुति, झांकी टीम की अद्भुत कलाकारी और आजाद बॉयज क्लब व आजाद वॉइस क्लब कमेटी के सदस्यों की मेहनत ने मिलकर इस आयोजन को यादगार बना दिया। देर रात 2:30 बजे तक गूंजते भजनों और जयकारों ने यह एहसास कराया कि आजाद बस्ती की यह रात श्रद्धालुओं के लिए केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक आनंद से भरी एक यादगार रात बन चुकी थी।
