
प्रतिनिधि, नोवामुंडी।भाई की कलाई पर सजी राखी, बहन की आंखों में छलका प्यार और मिठाई की दुकानों पर लगी लंबी कतार… शुक्रवार को नोवामुंडी और बड़ाजामदा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रक्षाबंधन का त्योहार कुछ इसी रंग में नजर आया। सुबह से देर शाम तक पूरा क्षेत्र भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास की मिठास में डूबा रहा। शहर के बाजारों से लेकर गांव की गलियों तक हर तरफ त्योहार की रौनक देखने को मिली।सुबह होते ही घर-घर में रक्षाबंधन की तैयारियां शुरू हो गईं।

बहनों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भाइयों की कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं और उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राखी बंधवाने के बाद भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर जीवनभर उनकी रक्षा करने और हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।

मिठाइयों के लिए लगी कतार, बाजार में देर तक रही चहल-पहलरक्षाबंधन को लेकर नोवामुंडी और बड़ाजामदा के बाजारों में सुबह से ही जबरदस्त भीड़ रही। राखी, मिठाई और उपहार की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही लगातार बनी रही। कई होटल और मिठाई दुकानों में पसंदीदा मिठाइयां लेने के लिए लोगों की कतार तक लग गई।

त्योहार के कारण दुकानदारों के चेहरे पर भी खुशी नजर आई।बहनों ने भाइयों की पसंद को ध्यान में रखते हुए तरह-तरह की राखियां और उपहार खरीदे। वहीं भाइयों ने भी बहनों के लिए कपड़े, मिठाइयां, उपहार और अन्य पसंदीदा सामान खरीदे। बाजारों में देर शाम तक चहल-पहल बनी रही।

शहर ही नहीं, गांवों में भी दिखा त्योहार का उत्साहरक्षाबंधन की धूम सिर्फ नोवामुंडी और बड़ाजामदा के बाजारों तक सीमित नहीं रही। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक तरीके से मनाया गया। गांवों में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, आरती उतारी और मिठाई खिलाकर उनके सुखी जीवन की कामना की।

घर-आंगन से लेकर गांव की गलियों तक त्योहार की खुशियां नजर आईं।दूर-दराज में रहने वाले कई भाई-बहन भी रक्षाबंधन पर अपने घर पहुंचे। लंबे समय बाद हुई मुलाकात ने पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया। कहीं बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधी तो कहीं भाई ने उपहार देकर बहन के चेहरे पर मुस्कान ला दी।

भावुक कर देने वाले ऐसे कई पल परिवारों में देखने को मिले।पूरे क्षेत्र में दिनभर उत्सव, उल्लास और भाई-बहन के स्नेह का माहौल बना रहा। रक्षाबंधन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि दूरी चाहे कितनी भी हो और समय कितना भी बदल जाए, भाई-बहन के रिश्ते में बंधा प्रेम और विश्वास हमेशा अटूट रहता है।

