
नोआमुंडी : टाटा डीएवी पब्लिक स्कूल, नोआमुंडी में विद्यालय की प्रातःकालीन सभा में संस्कृत दिवस और रक्षाबंधन का त्योहार अत्यंत उत्साह एवं सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में संस्कृत की समृद्ध विरासत और रक्षाबंधन के प्रतीक – प्रेम, स्नेह व भाई-बहन के पवित्र बंधन के पारंपरिक मूल्यों का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का कुशल संचालन अदिति सिंह और प्रज्ञांश्री मिश्रा द्वारा किया गया, जिन्होंने उपस्थित समूह का स्वागत किया और दोनों अवसरों के महत्व पर प्रकाश डाला।

छात्र संकल्प मिश्रा और प्रत्युष मिश्रा ने ज्ञानवर्धक तथा विचारोत्तेजक भाषण दिए। उन्होंने भारत की सबसे प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण भाषाओं में से एक के रूप में संस्कृत के महत्व को रेखांकित किया, साथ ही रक्षाबंधन की भावना और प्रेम, देखभाल व परस्पर सम्मान के मूल्यों को भी सामने रखा। संस्कृत दिवस के अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने छात्रों को संबोधित किया तथा भारतीय ज्ञान, साहित्य और संस्कृति में संस्कृत की कालातीत प्रासंगिकता व योगदान पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को देश की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने के लिए प्रेरित किया।

छात्रों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया।कक्षा 4 और 5 के छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम इस समारोह का मुख्य आकर्षण रहा। उन्होंने रक्षाबंधन की भावना और महत्व को दर्शाते हुए एक सुंदर नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की, जिसके साथ स्कूल गायक मंडली द्वारा एक मधुर गीत भी गाया गया। इस जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और प्रेम, एकजुटता व पारिवारिक मूल्यों का संदेश दिया। प्राचार्या श्रीमती शशिकला ने इस शानदार प्रस्तुति के लिए छात्रों और शिक्षकों को बधाई दी तथा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं भाषाई विरासत को सहेजने के महत्व पर जोर दिया। अपने संदेश में उन्होंने छात्रों को जिज्ञासा व सम्मान के साथ संस्कृत सीखने और रक्षाबंधन के प्रतीक – प्रेम, करुणा, परस्पर सम्मान और जिम्मेदारी के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों से इन मूल्यों को कक्षा के बाहर भी ले जाने और एक सौहार्दपूर्ण तथा सांस्कृतिक रूप से जागरूक समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम को अर्थपूर्ण और स्मरणीय बनाने में योगदान देने वाले सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सराहना के साथ समारोह का समापन हुआ। इस आयोजन ने स्नेही वातावरण, सौहार्द और एकजुटता के मूल्यों को मजबूत करते हुए छात्रों में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति गर्व की भावना सफलतापूर्वक जगाई।
