
टाटानगर। इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में लोको पायलटों को प्राथमिक चिकित्सा, एंबुलेंस सेवा, अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में रांची, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, डांगवापोसी, आद्रा, खड़गपुर, संतरागाछी एवं टाटानगर के लगभग 174 लोको पायलट शामिल हुए।प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने कहा कि प्रत्येक लोको पायलट को प्राथमिक चिकित्सा की विधियों में दक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी रेल दुर्घटना या आपात स्थिति में लोको पायलट अक्सर घटनास्थल पर प्रथम रिस्पांडर के रूप में पहुंचते हैं। ऐसे समय में डॉक्टर के पहुंचने से पहले लोको पायलट द्वारा दी गई प्राथमिक चिकित्सा घायल व्यक्ति के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है।प्रशिक्षण में ट्रायंगुलर बैंडेज के माध्यम से नैरो बैंडेज एवं ब्रॉड बैंडेज तैयार करने तथा घायलों को बैंडेज करने की व्यावहारिक विधि सिखाई गई। रक्तस्राव रोकने, सिर में चोट, ठुड्डी में चोट, हाथ टूटने, घुटने में चोट तथा छाती पर जलने की स्थिति में ट्रायंगुलर बैंडेज के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।डिजिटल माध्यम एवं पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए फायर एक्सटिंग्विशर के सही एवं सुरक्षित प्रयोग की जानकारी दी गई। डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने सीपीआर तथा फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का मॉक ड्रिल कराकर लोको पायलटों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपात स्थिति में घायल की स्थिति का आकलन, तत्काल प्राथमिक उपचार, सीपीआर, रक्तस्राव नियंत्रण, बैंडेजिंग, अग्निशमन उपकरणों के उपयोग तथा सुरक्षित बचाव कार्य के बारे में जानकारी दी
