
सरायकेला
माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा श्री रामाशंकर सिंह, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के मार्गदर्शन में 90 दिवसीय विशेष सघन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के सभागार, सिविल कोर्ट परिसर, सरायकेला में एक विधिक जागरूकता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को विधिक अधिकारों, संवैधानिक प्रावधानों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा विभिन्न जनकल्याणकारी विधिक योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच विधिक जागरूकता से संबंधित पुस्तिकाओं, पम्पलेटों एवं अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन श्री तौसीफ मेराज, माननीय सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के पर्यवेक्षण में किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को विधिक साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है तथा जागरूक नागरिक ही न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने बाल श्रम उन्मूलन, गिरफ्तार व्यक्तियों के अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार तथा न्यायालयों की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना उसका संवैधानिक अधिकार है तथा आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, 2012, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006, झारखंड डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी। साथ ही महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा विधिक संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान विधिक जागरूकता सामग्री में अंकित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई। विशेष रूप से नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया तथा आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

इस अवसर पर श्री अरुण कुमार बिसाय, शिक्षक, एन.आर. गवर्नमेंट एस.एम. स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, सरायकेला-खरसावां तथा श्री तरुण कुमार गोप, शिक्षक भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने विभिन्न विधिक विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में विधिक चेतना विकसित करने तथा समाज में न्याय, समानता एवं कानून के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
