
नोवामुंडी, 2 जुलाई, 2026: महानिदेशक खान सुरक्षा (डीजीएमएस), चाईबासा क्षेत्र के तत्वावधान में टाटा स्टील के नोवामुंडी आयरन माइंस द्वारा ऑफिसर्स क्लब, नोवामुंडी में “खनन उद्योग में व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां (ओएसएच एंड डब्ल्यूसी) संहिता, 2020 की प्रयोज्यता पर विशेष बल के साथ विभिन्न श्रम संहिताओं के प्रावधान” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य नई श्रम संहिताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा खनन उद्योग में उनके प्रभावी अनुपालन को प्रोत्साहित करना था।कार्यशाला में निदेशक खान सुरक्षा (डीएमएस), चाईबासा क्षेत्र, योहान येजेरला, उप निदेशक खान सुरक्षा (डीडीएमएस), डीजीएमएस, चाईबासा क्षेत्र, मिथिलेश कुमार तथा भारत सरकार के पूर्व उप श्रम आयुक्त डॉ. तपस के. पांडा ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ डीजीएमएस एंथम के साथ हुआ। इसके उपरांत नोवामुंडी आयरन माइंस के चीफ डी. विजयेंद्र ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि नई श्रम संहिताएं खनन उद्योग में सुरक्षित, स्वस्थ एवं उत्तरदायी कार्य संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं तथा इनके प्रभावी क्रियान्वयन से कार्यस्थलों पर सुरक्षा और अनुपालन की संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी।तकनीकी सत्रों के दौरान विशेषज्ञों ने नई श्रम संहिताओं एवं उनसे संबंधित नियमों पर विस्तृत जानकारी दी। योहान येजेरला ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां (ओएसएच एंड डब्ल्यूसी) संहिता, 2020 के प्रमुख प्रावधानों, खनन क्षेत्र में उनकी उपयोगिता तथा बेहतर सुरक्षा संस्कृति के निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। मिथिलेश कुमार ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां (केंद्रीय नियम), 2026 के प्रमुख प्रावधानों, वैधानिक आवश्यकताओं तथा उनके प्रभावी अनुपालन में खान प्रबंधन की जिम्मेदारियों की विस्तार से जानकारी दी।डॉ. तपस के. पांडा ने खनन उद्योग के लिए नई श्रम संहिताएं एवं पुराने और नए श्रम कानूनों का तुलनात्मक अध्ययन विषय पर प्रस्तुति देते हुए नई श्रम संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं, श्रम कानूनों में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों तथा उनके खनन उद्योग पर पड़ने वाले प्रभावों की विस्तृत व्याख्या की।कार्यशाला में टाटा स्टील एवं सेल (एसएआईएल) के लगभग 100 अधिकारियों एवं प्रबंधकीय अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद के माध्यम से नई कानूनी व्यवस्था, वैधानिक अनुपालन तथा व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला ने खनन उद्योग में सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं अनुपालन की संस्कृति को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का कार्य किया।कार्यक्रम के अंत में डीजीएमएस, चाईबासा क्षेत्र के प्रति मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। साथ ही, विशेषज्ञ वक्ताओं, टाटा स्टील एवं सेल के प्रतिभागियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया गया। इस अवसर पर सुरक्षित, स्वस्थ एवं वैधानिक रूप से अनुपालनीय खनन कार्यप्रणाली के प्रति सभी हितधारकों की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
