
’विश्व मलेरिया दिवस’ के अवसर पर शनिवार को स्थानीय विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग और CINI के सहयोग से भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने जागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया, वहीं गांव-गांव में प्रचार-प्रसार हेतु विशेष ‘मलेरिया जागरूकता रथ’ को भी रवाना किया गया।
नारों से गूंजा इलाका, बच्चों ने जगाई अलख
रैली की शुरुआत स्कूल परिसर से हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर “मलेरिया को भगाना है, साफ-सफाई अपनाना है” और “मच्छरों को दूर भगाना है, स्वस्थ जीवन पाना है” जैसे गगनभेदी नारों के साथ पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया। बच्चों ने ग्रामीणों को बताया कि घर के पास जलजमाव न होने दें और मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें।

मलेरिया रथ करेगा गांव-गांव प्रचार
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के अभाव को देखते हुए एक विशेष माइकिंग वाहन (प्रचार गाड़ी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन ब्लॉक के विभिन्न गांवों और टोलो में जाकर लोगों को मलेरिया के लक्षण, बचाव के उपाय और मच्छर नियंत्रण की जानकारी ऑडियो संदेश के माध्यम से देगा।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में निम्नलिखित सदस्यों का प्रमुख योगदान रहा:
- CINI ब्लॉक कोऑर्डिनेटर: अभिषेक कुमार
- VBD इंचार्ज: चिंता मणि गोप
- CHV: पात्रो जी
- स्कूल प्राचार्य: किशोर गिरी
- साथ ही विद्यालय के सभी शिक्षक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

सावधानी ही बचाव है
मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि मलेरिया एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर जांच और साफ-सफाई से इसे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। प्राचार्य किशोर गिरी ने बच्चों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि बच्चे समाज के सच्चे संदेशवाहक हैं।
निष्कर्ष: ‘विश्व मलेरिया दिवस’ पर आयोजित इस पहल का उद्देश्य समुदाय को जागरूक कर मलेरिया मुक्त क्षेत्र बनाना है। रैली और प्रचार वाहन के माध्यम से दी गई जानकारी ग्रामीणों के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी।
