

नोवामुंडी | प्रतिनिधि नोवामुंडी के टाटा स्टील स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को फुटबॉल का एक नया इतिहास लिखा गया। ‘नोवामुंडी बॉयज क्लब’ द्वारा आयोजित कोल्हान कप 40+ फुटबॉल टूर्नामेंट का रोमांच देर रात ठीक 12:00 बजे अपने चरम पर पहुंचा। क्षेत्र में पहली बार आयोजित इस डे-नाइट टूर्नामेंट ने न केवल खेल प्रेमियों का दिल जीता, बल्कि यह साबित कर दिया कि खेल के प्रति जज्बा उम्र का मोहताज नहीं होता।
एरिक के निर्णायक गोल ने बनाया चैंपियन
बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले वाले फाइनल में बड़बिल एफसी और कोइड़ा एफसी की टीमें आमने-सामने थीं। दोनों ही टीमों ने रक्षात्मक और आक्रामक खेल का बेहतरीन संतुलन दिखाया, लेकिन बड़बिल एफसी के खिलाड़ी एरिक ने मैच का एकमात्र निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 से ऐतिहासिक जीत दिला दी। इस जीत के साथ ही बड़बिल एफसी ने कोल्हान कप पर कब्जा जमाया।
पुरस्कारों की बौछार

विजेता और उपविजेता टीमों को नकद पुरस्कार और ट्राफी देकर सम्मानित किया गया:
| स्थान | टीम का नाम | पुरस्कार राशि | अतिथि (प्रदाता) |
|---|---|---|---|
| विजेता | बड़बिल एफसी | ₹25,000 + ट्रॉफी + जर्सी | माइकल तिरिया |
| उपविजेता | कोइड़ा एफसी | ₹20,000 + ट्रॉफी + जर्सी | मंगल सिंह सुरेन |
| तृतीय | जगन्नाथपुर एफसी | ₹8,000 + जर्सी | सतीश ठाकुर (पंसस) |
| चतुर्थ | नोवामुंडी एफसी | ₹8,000 + जर्सी |
दोपहर से शुरू हुआ मुकाबलों का सिलसिला

टूर्नामेंट का उद्घाटन जगन्नाथपुर के एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव ने फुटबॉल पर किक लगाकर किया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि हार-जीत से बढ़कर खेल भावना और आपसी भाईचारा जरूरी है।
- कुल टीमें: 12 टीमों ने लिया हिस्सा।
- सेमीफाइनल 1: कोइड़ा एफसी ने नोवामुंडी एफसी को पेनाल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया।
- सेमीफाइनल 2: बड़बिल एफसी ने जगन्नाथपुर एफसी को 1-0 से मात दी।
दिग्गजों की रही मौजूदगी
इस ऐतिहासिक आयोजन की शोभा बढ़ाने के लिए सीओ मनोज कुमार, बीडीओ पप्पू रजक, पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा, टाटा स्टील के एचआर हेड निशिकांत सिंह और फिरोज अहमद जैसे विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। देर रात तक चले मैचों के दौरान भले ही दर्शकों की संख्या कम रही, लेकिन मैदान पर 40 प्लस आयु वर्ग के खिलाड़ियों का जोश और फिटनेस किसी युवा खिलाड़ी से कम नहीं थी।
“हार-जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन आपसी सम्मान और एकता ही सबसे बड़ी जीत होती है। नोवामुंडी बॉयज क्लब का यह प्रयास सराहनीय है।” > — महेंद्र छोटन उरांव, एसडीओ, जगन्नाथपुर
