
कांड्रा बाजार स्थित जय शनि देव पावन धाम मंदिर में चैत्र नवरात्रि एवं रामनवमी का उत्सव धूमधाम से संपन्न हो गया। नौ दिनों की कठिन भक्ति और नवमी के दिन कन्या पूजन के पश्चात, दशमी तिथि को माता की विदाई की रस्में पूरी की गईं।

भक्ति और परंपरा का संगम
दशमी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में महिलाओं ने पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके उपरांत, भगवान राम और माता दुर्गा के जयकारों के साथ विसर्जन यात्रा शुरू हुई। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

मंदिर से शुरू हुई यात्रा कांड्रा स्थित कांड्रा मानिकुई स्वर्णरेखा नदी के तट पर पहुँची। यहाँ मुख्य पुजारी पंडित शोभिक मुखर्जी के मार्गदर्शन में धार्मिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच कलश विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की गई। मौके पर समाजसेवी रोशन प्रसाद साव ने कहा:”रामनवमी का यह पर्व अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है।

जय शनि देव पावन धाम मंदिर कांड्रा बाजार में जिस श्रद्धा के साथ यह आयोजन हुआ, वह सराहनीय है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारे क्षेत्र में खुशहाली और उन्नति बनी रहे।” वही मौके पर मुख्य रूप सेकार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से समाजसेवी रोशन प्रसाद साव, समाजसेवी रति लाल मंडल पंडित सोविक चटर्जी,सिद्धार्थ, आसुतोष, प्रीतम देवी, इंदु मंडल सुभाष कालिंदी, गोरी रजक, मोनी रजक.गुड्डू दे, इंदु देवी, बेबी देवी, शर्मिला साव, राजकुमारी बर्मा, रेणु दुबे, बिमला देवी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार गुड्डू उपस्थित थे
