
कांड्रा कांड्रा बाजार स्थित जय शनि देव पावन धाम मंदिर में नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित दस दिवसीय अनुष्ठान का समापन श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। विजयादशमी के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

सिंदूर की होली से रंगा मंदिर प्रांगण
नवरात्रि की विदाई और दशमी के मौके पर मंदिर में माँ शक्ति की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके उपरांत सुहागिन महिलाओं ने माँ के चरणों में सिंदूर अर्पित कर अपने परिवार की

सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।
देखते ही देखते पूरा मंदिर परिसर सिंदूर की लालिमा से सराबोर हो गया। महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पर्व की बधाई दी और माता रानी को भावपूर्ण विदाई दी।
भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम
इस अवसर पर समाजसेवी रोशन प्रसाद साव भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि:
”सिंदूर खेला हमारी प्राचीन संस्कृति और नारी शक्ति के मिलन का प्रतीक है। जय शनि देव पावन धाम में आज जिस तरह का उत्साह महिलाओं में दिखा, वह हमारी धार्मिक आस्था को और भी मजबूत करता है।”
पंडित सोविक चटर्जी ने संपन्न कराया विधान विद्वान
पंडित सोविक चटर्जी ने मंत्रोच्चार के साथ दशमी का विशेष पूजन संपन्न कराया। उन्होंने सिंदूर खेला के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह परंपरा बुराई पर अच्छाई की जीत और माँ के विदाई उत्सव का हिस्सा है।
इनकी रही मुख्य उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से समाजसेवी रोशन प्रसाद साव, पंडित सोविक चटर्जी,सिद्धार्थ, आसुतोष, प्रीतम देवी, इंदु मंडल सुभाष कालिंदी, गोरी रजक, मोनी रजक.गुड्डू दे, इंदु देवी, बेबी देवी, शर्मिला साव, राजकुमारी बर्मा, रेणु दुबे, बिमला देवी
