
नोवामुंडी, मंगलवार। कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा की कुलपति प्रोफेसर डॉ. अंजलि गुप्ता के निर्देश पर नोवामुंडी कॉलेज में संबद्धता विस्तार के उद्देश्य से विश्वविद्यालय की तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को कॉलेज पहुंची, जिन्हें कॉलेज के प्राचार्य ने बुके देकर सम्मानित किया।
तीन सदस्यीय टीम में डॉ. पी. के. गुप्ता — हेड पीजी डिपार्टमेंट ऑफ एग्जाम, कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा, डॉ. प्रभात कुमार सिंह — सीवीएस कम ओएसडी एग्जाम, कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा तथा डॉ. सोबित रंजन — डिपार्टमेंट ऑफ जियोलॉजी, कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा शामिल थे। टीम ने कॉलेज परिसर का विस्तृत भौतिक निरीक्षण किया तथा शैक्षणिक एवं आधारभूत संरचनाओं का अवलोकन किया।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोजित विश्वास ने शिक्षकों के साथ टीम को विभिन्न विभागों एवं सुविधाओं का निरीक्षण कराया। निरीक्षण के दौरान टीम ने लैंग्वेज लैब, कंप्यूटर लैब, स्टेम लैब, जियोग्राफी लैब, रीडिंग रूम, अंबेडकर हॉल, कॉन्फ्रेंस हॉल, जिम, बास्केटबॉल कोर्ट, फुटबॉल ग्राउंड सहित सभी डिजिटल कक्षाओं एवं कार्यालय का अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद टीम के सदस्यों ने कहा कि कॉलेज में शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाएँ सुव्यवस्थित रूप से विकसित की गई हैं तथा विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्राचार्य ने जानकारी देते हुए कहा कि कॉलेज को हिन्दी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीतिक विज्ञान, समाजशास्त्र, हो, उड़िया तथा कॉमर्स विषयों में पूर्व से ही मान्यता प्राप्त है। उन्होंने बताया कि विषयों के विस्तारीकरण के अंतर्गत गणित विषय में मान्यता प्राप्त करने हेतु सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी कर ली गई हैं।
प्राचार्य ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि बहुत ही जल्द नोवामुंडी कॉलेज को गणित विषय में भी मान्यता प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भौतिक निरीक्षण के उपरांत टीम के सदस्य कॉलेज की शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं को देखकर प्रसन्न नजर आए।
इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर कुलजिंदर सिंह, कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक धनी राम महतो, साबिद हुसैन, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, राजकरण यादव, नरेश कुमार पान, दिवाकर गोप, तन्मय मंडल, डॉ. क्रांति प्रकाश, भवानी कुमारी, सुमन चातोम्बा, हीरा चातोम्बा, मंजू लता सिंकू, शान्ति पुरती, लक्ष्मी मोदक, राम बहादुर चौधरी, गुरु चरण बालमुचू आदि उपस्थित थे।
