
पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर नोवामुण्डी में 164 वां स्वामी विवेकानंद जयंती सह युवा दिवस अत्यंत हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर कक्षा अरुण से प्रभात तक स्वदेशी दौड़ में भैया बहनों ने भाग लिया। भैया बहन अत्यंत उत्साहित प्रतीत हो रहे थे।

कक्षा अरुण से दशम तक के भैया बहन सह आचार्य दीदी जी विवेकानंद जयंती मनाने हेतु उपस्थित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा पालित द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण अर्पित कर हुआ।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम बहन संध्या कुमारी द्वारा स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डाला गया इसके पश्चात् बहन हंसिका सन्पुरिया,बहन प्रीतिका रवि दास एवं बहन सरस्वती लागुरी ने स्वामी विवेकानंद पर एक मधुर गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में आगे कक्षा तृतीय से अष्टम तक के भैया बहनों ने विवेकानंद एवं भगिनी निवेदिता वेशभूषा प्रतियोगिता में भाग लिया

जिसमें सभी ने विवेकानंद व भगिनी निवेदिता के वेशभूषा के साथ-साथ उनके कथनों को भी रोचकपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। गुरु मां ने समस्त प्रतिभागियों को उपहार स्वरूप कलम एवं चाॅकलेट दिए। गुरु मां ने भैया बहनों को संबोधन करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन से हमें

यह सीखना चाहिए कि हम धैर्यवान बनें, अपना लक्ष्य केंद्रित करें, आत्मशक्ति को पहचानें एवं किसी से डरना नहीं बल्कि उसका सामना करें। उन्होंने नए भारत का संकल्प-स्वदेशी व स्वावलंबन के विषय में भी भैया बहनों को अवगत कराया।
