
हजारीबाग की बेटी तेजस्वी सावंत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिखेरा झारखंडी संस्कृति का रंग
हजारीबाग। हजारीबाग की बेटी तेजस्वी सावंत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की लोक संस्कृति को गौरवान्वित किया है। ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय मेडिकल कॉलेज अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी सावंत ने झारखंडी लोक नृत्य का शानदार एकल प्रदर्शन कर देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों का दिल जीत लिया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कई देशों के मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
तेजस्वी सावंत ने न केवल झारखंडी नृत्य का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, बल्कि गुजराती लोकनृत्य गरबा का नेतृत्व करते हुए प्रथम स्थान भी प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि के लिए अतिथियों द्वारा मेडल, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रस्तुत झारखंडी नृत्य और गरबा की देश-विदेश से आए अतिथियों ने खुलकर सराहना की।
तेजस्वी की प्रारंभिक शिक्षा संत स्टीफन स्कूल, हजारीबाग से हुई है। इसके बाद उन्होंने खपरियावां स्थित सावंत इंटर कॉलेज से आईएससी की पढ़ाई पूरी की। नीट की तैयारी के साथ मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के बाद भी उन्होंने अपनी कला और संस्कृति से जुड़ाव बनाए रखा। पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए तेजस्वी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने गृह राज्य झारखंड की पहचान को मजबूती से प्रस्तुत किया।

इस सफलता पर उनकी माता मंजू मिश्रा, पिता रामकिशोर सावंत, कॉलेज प्राचार्य दीपक कुमार, नृत्य गुरु हंसराज लोहरा, शिक्षक डॉ अनुरंजन कुमार, डॉ गौतम कुमार, नेमचंद तुरी, मीशा भारती, बिंदु वर्मा, शंकर कुमार, श्याम सुंदर दास, किंशु कुमार, भवेश मिश्रा, प्रवीन कुमार, पूजा कुमारी, शोभा कुमारी, मनोज कुमार, आर्ट एंड कल्चरल ट्रस्ट के सचिव प्रदीप पाठक, पूर्व अध्यक्ष आकाश सुबोध, उपाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्रा, तरंग ग्रुप के डायरेक्टर अमित गुप्ता, सीमा गुप्ता, शशि सिन्हा सहित गांव के लोगों ने भी बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
