
पदमावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर नोवामुण्डी में गुरु गोविंद सिंह जयंती हर्षोल्लाह से मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा पालित गुरु मां ने गुरु गोविंद सिंह के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया तत्पश्चात् बहन आराध्या कुमारी द्वारा गुरु गोविंद सिंह का जीवन परिचय प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में आगे बहन हंसिका सन्पुरिया द्वारा एक पंजाबी भजन प्रस्तुत किया गया जिससे वंदना सभा भक्तिमय हो गई। कार्यक्रम में सभी आचार्य दीदी जी उपस्थित रहे एवं गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा किए गए कार्यों को याद किया।
गुरु मां ने भैया बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जीवन देश के प्रति त्याग और समर्पण का रहा। जब तक उनका जीवन रहा उन्होंने अन्याय के खिलाफ अपनी जंग जारी रखीं। उन्होंने धर्म और न्याय की रक्षा करते हुए अपने पूरे परिवार का बलिदान दे दिया और जरा भी न घबराए। गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की जिसमें पांच ‘क’ को उन्होंने महत्व दिया जिसका अर्थ है केश, कंघा, कारा, कृपाण और कचेरा साथ ही उन्होंने दशम ग्रन्थ की रचना की।

