
भारतीय सिनेमा एवं रंगमंच जगत के सुप्रसिद्ध, सशक्त रंगकर्मी अभिनेता श्री राजेश जैस ने अपने जमशेदपुर प्रवास के दौरान पथ – पीपुल्स एसोसिएशन फॉर थियेटर के रिहर्सल रूम का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्था से जुड़े बच्चों और युवा रंगकर्मियों के साथ आत्मीय संवाद किया, अपने रंगमंचीय एवं फिल्मी अनुभव साझा किए तथा बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के विस्तारपूर्वक उत्तर दिए।
श्री जैस ने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) से जुड़े अपने प्रशिक्षण, संघर्ष, अनुशासन और मंचीय जीवन के महत्वपूर्ण अनुभवों को साझा किया। उन्होंने अभिनय की बारीकियों, चरित्र-निर्माण, देह-भाषा, स्वर-संयम तथा रंगमंच के सामाजिक दायित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रंगमंच केवल अभिनय का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदनशील समाज निर्माण की एक सशक्त प्रक्रिया है। उनके अनुभवों और विचारों से उपस्थित सभी बच्चों और युवा कलाकारों को नई दिशा और प्रेरणा प्राप्त हुई।
संवाद सत्र के दौरान बच्चों ने अभिनय, थिएटर और सिनेमा में करियर की संभावनाओं, प्रशिक्षण की आवश्यकता, निरंतर अभ्यास और समर्पण जैसे विषयों पर प्रश्न किए, जिनका उत्तर श्री जैस ने अत्यंत सरल, व्यावहारिक और प्रेरणादायक ढंग से दिया। उन्होंने युवा कलाकारों को निरंतर सीखते रहने और पढ़ते रहने की सलाह दी उन्होंने कहा की जो जितना पढ़ेगा उतना उनके अभिनय में परिपक्वता आएगी , अपने परिवेश से जुड़कर काम करने और कला के प्रति ईमानदार रहने की सलाह दी।
उल्लेखनीय है कि श्री राजेश जैस जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शिरकत करने के लिए शहर आए थे । उनके इस आकस्मिक एवं प्रेरक दौरे से पथ संस्था के कलाकारों और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
पथ – पीपुल्स एसोसिएशन फॉर थियेटर के संस्थापक मोहम्मद निज़ाम ने श्री राजेश जैस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे वरिष्ठ और अनुभवी कलाकारों का सान्निध्य युवा रंगकर्मियों के लिए अत्यंत प्रेरणादाई होता है और यह रंगमंचीय यात्रा को और अधिक समृद्ध करता है।
