
गम्हरिया, 21 दिसंबर – गम्हरिया प्रखंड के कांड्रा बाजार स्थित जय शनि देव पावन धाम मंदिर की ओर से रविवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाजसेवी रोशन प्रसाद साव के नेतृत्व में उनकी टीम श्री श्री हाथी खेदा ठाकुर मंदिर पहुंची और बाबा के दर्शन किए।

इस अवसर पर रोशन प्रसाद साव ने कहा कि ये साल का अंतिम महीना है, और इस उपलक्ष पर आज श्री श्री हाथी खेदा ठाकुर के समीप भेड़ा की बली दी गई आने वाले साल में सब के सुखद जीवन की कामना की गई।
उसके बाद प्रसाद ग्रहण कर पिकनिक का भी आयोजन किया गया।
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जय शनि देव पावन धाम मंदिर के सभी सदस्यों ने भी श्री श्री हाथी खेदा ठाकुर के मंदिर में माथा टेक क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सभी ने आने वाला साल भी सुखमय बीते यही श्री श्री हाथी खेदा ठाकुर बाबा से कामना की वही मौके प्रमुख रूप से समाजसेवी रोशन प्रसाद साव, समाजसेवी रतीलाल मंडल समाजसेवी उत्तम मण्डल, समाजसेवी राजू मण्डल, भोजोहरी लोहार, सुभाष कालिंदी, रबिन्दर लोहार, विक्रम अचार्य गोरी रजक उपस्थित थे
मंदिर के कुछ खास महत्व
हाथी खेदा मंदिर झारखंड के जमशेदपुर में स्थित एक अनोखा मंदिर है, जहां किसी देवी-देवता की नही बल्कि हाथी की पूजा की जाती है। यह मंदिर पटमदा के बोड़ाम प्रखंड में स्थित है और प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ है
मंदिर की विशेषताएं
- * हाथी की पूजा * :
- इस मंदिर मे हाथी की पूजा की जाती है, जो काफी प्रसिद्ध है।
- * मन्नतें मांगना : लोग यहां मन्नतें मांगने के लिए पेड़ पर चुनरी के साथ नारियल बांधते हैं।
- * भेड़ की बलि * : यहा भेड़ की बलि चढ़ाने की परंपरा है।
- प्रसाद की विशेषता: यहां का प्रसाद सिर्फ पुरुष ही ग्रहण करते हैं, महिलाएं यहां के प्रसाद को नही खा सकती हैं
मंदिर का इतिहास और महत्व
- *300 साल पुरानी परंपरा *: हाथी खेदा मंदिर में हाथी की पूजा की परंपरा करीब 300 साल पहले शुरू हुई थी। – * हाथियो के आतंक से बचाव : गांव के लोगों का कहना है कि दलमा पहाड से सटे होने के कारण यहां काफी संख्या मे हाथी आया करते थे और फसलों को बर्बाद कर देते थे। पुजारियों ने हाथी की पूजा शुरू की, जिससे हाथियों का आना कम हो गया। आज तक पूजा चली आ रही है
