
पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर दिनांक 10 अप्रैल 2025 दिन गुरुवार को वंदना सभा में जैन मत के 24 वें तीर्थंकर महावीर जी की जयंती मनाई गई। जयंती के अवसर पर स्थानीय विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा पालित गुरु मां एवं कृष्णा करुवा आचार्य द्वारा महावीर जी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण किया गया।

इस अवसर पर कक्षा अष्टम की बहनों द्वारा दो भजन प्रस्तुत किए गए एवं बहन हबीबा अनवर द्वारा महावीर जी के जीवनी पर कुछ बातें बताई गई साथ ही गुरु मां ने सभी भैया बहनों को संबोधित करते हुए महावीर जी के जीवन से संबंधित दो प्रेरक प्रसंग बताए जिसमें उन्होंने इसका सार बताते हुए कहा कि सुखी जीवन हेतु व्यक्ति को पांच दोष ईर्ष्या, लोभ, क्रोध, मोह, अहंकार से दूर रहना चाहिए साथ ही उन्होंने महावीर जी के पांच सिद्धांतों अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह के विषय में भी बताया जिनसे भैया बहन जीवन में आगे बढ़े। महावीर जी के पद चिन्हों पर चलकर भैया बहन एक अच्छे व्यक्ति बन सकते हैं। इस अवसर पर एकदिवसीय अधिकारी रेनू दीदी जी ने भी अपना विचार रखा।
