
नोवामुंडी,23 जनवरी: पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर नोवामुण्डी में दिनांक 23 जनवरी 2025 को धूमधाम से सुभाष चंद्र बोस जयंती मनाई गई। प्रातः बेला में सुभाष चंद्र बोस जयंती के उपलक्ष्य में प्रभात फेरी कक्षा प्रथम से कक्षा दशम तक के भैया बहनों की निकाली गई। सभी भैया बहन सुभाष चंद्र बोस अमर रहे, वंदे मातरम, भारत माता की जय का उद्घोष करते हुए चल रहे थे। इसके उपरांत वंदना सभा में सुभाष चंद्र बोस के छायाचित्र पर स्थानीय विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा पालित गुरु मां ने माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया।

वंदना होने के बाद भैया बहनों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया जिसमें एक देशभक्ति गीत, नृत्य और सुभाष चंद्र बोस की जीवनी बताई गई। कार्यक्रम में गुरु मां ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन की कुछ बातें बताई जिनसे भैया बहनों के मन में देश प्रेम की भावना जागृत हो, उन्होंने कहा कि बचपन से ही सुभाष चंद्र बोस देशभक्त थें। वे अंग्रेजों और भारतीयों में जो मतभेद होता था उसके वे सख्त खिलाफ थे। उन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए आजाद हिंद फौज का गठन किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के हारने के बाद वे रुस से मदद लेने विमान से रूस जा रहे थे

तो उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया परंतु उनका शव बरामद नहीं हुआ जिस कारण आज भी उनका उनकी मृत्यु अनसुलझी है। उनके जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि देश और समाज के प्रति हम अपना कर्तव्य निभाएं एवं जब मन में प्रबल इच्छा शक्ति हो तो कोई भी बाधा हमारे उद्देश्य को हिला नहीं सकती।सुभाष चंद्र बोस जयंती के उपलक्ष्य में आज कक्षा अरुण से कक्षा पंचम तक क्राफ्ट प्रतियोगिता रखी गई थी जिसमें कक्षा अरुण के अंकुश केरई,उदय के प्रीती सिंह सरदार, प्रभात की दिव्या उपस्थित रही.
