
नोवामुंडी,14 अक्टूवर: नोवामुंडी तथा आस पास क्षेत्रों में दशहरा पूजा के साथ ही दसाई नृत्य का भी समापन सोमवार को हो गया. गुवा थाना क्षेत्र के बेतरकेया गाँव में दशहरा पर्व का आयोजन किया गया. इस दौरान दर्जनों खस्सी,बकरी,बतख और मुर्गे की बलि दी है. यहाँ दशहरा पूजा के दौरान दुर्गा माता के भक्त दहकते अंगारे में खाली पाँव चल कर माता के प्रति अपनी हठधर्मी का प्रदर्शन किया. दशहरा में पूजा अर्चना के बाद ही दसाईं नृत्य का दौर भी खत्म हो जाता है. नृत्य मंडलियों ने विभिन्न गांव का भ्रमण करते हुए नृत्य पेश किया. जानकारी हो कि दसाईं नृत्य जनजातियों का प्रमुख नृत्य है. इसमें महिला व पुरूषों की टोली पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते हैं. इस नृत्य में एक खास प्रकार के वाद्य यंत्र “भुवांग” व “काटी”का प्रयोग करते है. आधुनिकता के दौर में पारंपरिक नृत्य अपना अस्तित्व खोता जा रहा है. ऐसे में इसको बढ़ावा देना जरूरी है. पारंपरिक नृत्य के संरक्षण व संवर्धन से जनजातीय संस्कृति महफूज रहेगी. दशहरा पूजा के दौरान दो दिन मुर्गा पाडा भी आयोजित किया गया और ग्रामीण हब्बा डब्बा नामक जुआ का जमकर आनंद उठाया.
