
सरायकेला :: चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक की अध्यक्षता में गुरुवार को डीआरएम कार्यालय ,चक्रधरपुर के मीटिंग हॉल में रेल अधिकारियों व डीआरयूसीसी सदस्यों की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई। पूर्व में ही पत्र के माध्यम से अपने विभिन्न प्रस्तावों पर विचार हेतु डीआरयूसीसी सदस्य, सह पूर्व नप उपाध्यक्ष,सरायकेला मनोज चौधरी ने क्षेत्र के आमजनों के सुविधा हेतु मंडल रेल प्रबंधक चक्रधरपुर को विनम्र आग्रह किया है। मंडल रेल प्रबंधक सीकेपी को सौंपे गए विभिन्न प्रस्तावों का जिक्र करते हुए श्री चौधरी ने बताया कि देश के महा सम्मान पद्मश्री से सम्मानित सात महान विभूतियों की माटी ,वैश्विक छऊ नृत्य की जननी सह जिला मुख्यालय सरायकेला में रेल स्टेशन का निर्माण हो ताकि जिला मुख्यालय सम्पूर्ण देश के रेल नेटवर्क से जुड़ पाए इससे स्थानीय जनता की सामाजिक आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ता के साथ सरायकेला की गौरवशाली गाथा एवम रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही अगले प्रस्ताव में उन्होंने कहा कि अधिक राजस्व देने वाला मंडल कोल्हन कमिश्नरी मुख्यालय चाईबासा में पैसेंजर यार्ड (पिआईटी) का निर्माण हो ताकि रेल यात्रियों को पर्याप्त सुविधा मिल सके। इसके अलावा आगे अपने सभी प्रस्तावों का जिक्र करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि मंडल अंतर्गत आत्मनिर्भर भारत योजना हेतु चयनित 15 स्टेशनों के विकास काम को तीव्र गति देते हुए यात्रियों को जल्द सुविधा उपलब्ध कराने संबंधि प्रस्ताव,मंडल अंतर्गत कोविड-19 के बाद ठहराव बद की गई ट्रेनों के स्टॉपेज पुनः चालू करवाने संबंधित प्रस्ताव ,मंडल अंतर्गत कुछ ट्रेनें जैसे टाटा बड़बिल – टाटा इतवारी इत्यादि ट्रेन पैसेंजर की तर्ज पर चलते हुए भी इन ट्रेनों का किराया एक्सप्रेस ट्रेनों के समकक्ष है इस पर विचार संबंधी प्रस्ताव, मंडल अंतर्गत सरायकेला जिला मुख्यालय स्थित आरक्षण केंद्रों को यात्रियों की सुविधा हेतु दो पारी में संचालित करने से संबंधित प्रस्ताव,मंडल अंतर्गत होने वाले नियोजन कार्यक्रम योजना के बारे में डीआरयूसीसी मेंबर को सूचित करने संबंधी प्रस्ताव,गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल के तहत क्षेत्र के लोगों को नियोजन से जोड़न के उद्देश्य हेतु इसका निर्माण महालीमुरूप या वीरबांस के नजदीक स्थल का चयन करने संबंधित प्रस्ताव एवं कान्डरा स्टेशन में हटिया हावड़ा, टाटा गोड्डा, टाटा आसनसोल, सुपर इत्यादि ट्रेन के ठहराव से संबंधित प्रस्ताव प्रमुख हैं ।
